Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan

''जो लोग भोले-भाले लोगों को फंसाकर मालिक से दूर करते हैं ऐसे लोगों की कुलों तक में भी बेचैनी बनी रहेगी''

सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जो इन्सान अपनी खुदी, अहंकार को त्यागकर मालिक की भक्ति करता है, वह प्रभु-परमात्मा की दया-मेहर को पा सकता है। जिस इन्सान के अंदर का कचरा साफ हो जाता है उसकी निगाह ऐसी बन जाती है कि उसे कण-कण, जर्रे-जर्रे में अपना मालिक, सतगुरु नजर आने लगता है। 
अनमोल वचन  अध्यात्म