Anmol Vachan: ''इस पाक-पवित्र जगह जाने से जन्मों-जन्मों के पाप-कर्म खत्म हो जाया करते हैं''
हमेशा अच्छे लोगों का संग करें: पूज्य गुरु जी
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि जो जीव सत्संग में चलकर आता है, उसके जन्मों-जन्मों के पाप-कर्म खत्म हो जाया करते हैं। सच वो अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब है और उसका संग मालिक की भक्ति-इबादत करके उस सच का साथ करना है। इन्सान जैसा संग करता है, उस पर वैसा रंग चढ़ता जरूर है परंतु यह बहुत जरूरी है कि इन्सान बुरा संग न करे। Anmol Vachan
कहीं भी, कोई किसी को बुरा कहता हो, चुगली, निंदा, बुराई गाता हो, जहां तक संभव हो किनारा कर जाओ। मजबूरीवश कहीं पर सुनना पड़ता है तो पांच-सात मिनट सुमिरन करो। मालिक से दुआ करो कि मालिक मुझे इस पाप-कर्म से बचाओ। फिर जो करेगा वो ही भरेगा, आपको कुछ नहीं होता। जहां तक हो इन्सान को अच्छे लोगों का संग करना चाहिए। जितना भी आप अच्छाई, भले पुरुषों का संग करोगे, आपके दिलो-दिमाग में मालिक के प्यार-मोहब्बत की लगन लगेगी। उसकी कृपा-दृष्टि के आप काबिल बनेंगे। उसकी दया-मेहर, रहमत बरसेगी और आप तमाम उन खुशियों के हकदार बनते जाएंगे जो आपके भाग्य में हैं और जो आपके भाग्य में नहीं हैं।
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि सत्संग में आकर वचनों पर अमल करने वाले जीवों के भाग्य बदल जाया करते हैं। सत्संग सुनो और अमल करो। बिना अमल के इन्सान को कोई खुशी हासिल नहीं होती। आप अगर अमल करते हैं, वचन सुनकर उनको मानते हैं तो ही खुशियों के हकदार बनते हैं। यदि आप सत्संग सुनकर अमल नहीं करते तो आप भाग्यशाली तो क्या बनोगे जन्मों-जन्मों के पाप-कर्मों को भी नहीं काट सकते। सत्संग में सच सुनाया जाता है। सत्संग में उस अल्लाह, राम के साथ जोड़ा जाता है। जो सुना करते हैं, विचार किया करते हैं उन्हीं का बेड़ा पार होता है। Anmol Vachan