Anmol Vachan
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Anmol Vachan: पैसा, दौलत और ऐशो-आराम सब कुछ है, फिर भी क्यों जरूरी है भगवान का नाम?
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By Manmohan
सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि आज के दौर में इन्सान भौतिकतावाद में बुरी तरह से उलझा हुआ है।
Anmol Vachan: संत-फकीर आखिर क्यों आते हैं धरती पर? जानिए रूहानी रहस्य
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पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के रूहानी वचनों में जानिए सच्चे संत, पीर-फकीर और गुरु की पहचान। समझें परमार्थ, मानवता की सेवा, सत्संग, दुखों से मुक्ति और आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का आध्यात्मिक संदेश।
Anmol Vachan: ऐसी कोई जगह नहीं, जहां 'वह' न हो!
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सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि ऐसी कोई जगह नहीं, जहां वह परमपिता परमात्मा न हो। वो कण-कण, जर्रे-जर्रे में मौजूद है, हर घट में रहता है।
Anmol Vachan: ऐसे बरस सकती है इंसान पर मालिक की कृपा-दृष्टि!
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Anmol Vachan: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि इन्सान अगर भगवान की कृपा को पाना चाहे, तो इस धरती पर रहता हुआ भी उसको हासिल कर सकता है।
Anmol Vachan: इन्सान भौतिकतावाद, ठग्गी, बेइमानी, निंदा-चुगली में लगकर समय बर्बाद कर रहा है
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सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि इन्सान बंदा तो बन गया है लेकिन उसे कार्य भी बंदे वाले करने चाहिएं।
Anmol Vachan: इंसान के आने वाले दु:ख, रोग, परेशानियां सब चुटकियों में खत्म हो सकते हैं ?
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पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि अगर इन्सान अपने जीवन में यह धार ले कि मैंने घंटा-घंटा सुबह-शाम सुमिरन करना ही करना है, तो उसके आने वाले दु:ख, रोग, परेशानियां सब चुटकियों में खत्म हो जाएं।
Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी फरमाते हैं... मनोइंद्रियों को काबू करने का तरीका!
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पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) के अनमोल वचन जानें। प्रभु सुमिरन, सतगुरु पर यकीन और दीन-दुखियों की मदद का महत्व समझें।
Anmol Vachan: करोड़ों गुणा बढ़कर है 'उसकी' लज्जत, नशा, मिठास है जो हमेशा बनी रहती है!
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सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि हरिरस, अमृत, आबोहयात् जो हमारे अंदर मालिक ने शुरू से ही भर रखा है उसमें जो मिठास, लज्जत है, वो अवर्णनीय है।
Anmol Vachan: वो एक ही है जिसका प्यार, जिसकी मोहब्बत बेइंतहा खुशियां देने वाली है
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पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि मालिक का प्यार, उसकी मोहब्बत बेइंतहा खुशियां देने वाली है।
Anmol Vachan: ऐसा 'सच' जो आत्मा और परमात्मा को मिला दे!
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सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि सतगुरु, मौला, मुर्शिदे-कामिल इस घोर कलियुग में उस सच को कहा जाता है, जो आत्मा और परमात्मा को मिला दे।
Anmol Vachan: मालिक को पाने के लिए केवल ये काम जरुरी!
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सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि मालिक का नाम सुखों की खान है और जिनके अच्छे भाग्य हैं, वो परमात्मा का नाम लेते हैं। ओंकार, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड सब एक ही मालिक के नाम हैं।
Anmol Vachan: अग्गे नूं वधाके पैर पिछ्छे नूं हटौणा की, बणके प्रेमी फिर दिल नूं डुलौणा की!
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पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि ‘सब जीवों से प्रेम करो, 'गर मालिक को पाना है। सब जीवों के दिल अंदर मालिक का ठिकाना है।’ तो आपने सबसे बेगर्ज, नि:स्वार्थ भावना से प्यार करना है, दृढ़ यकीन रखना है। इस रूहानियत के रास्ते पे अगर आप दृढ़ यकीन के साथ चलेंगे, तभी दृढ़ता से चल पाएंगे।