Anmol Vachan
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इंसान को मालिक तभी याद आता है जब उसे कोई गम, दु:ख, दर्द या परेशानी हो
Published On
By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि नाम की महिमा अपरम्पार है और वो जीव बहुत भाग्यशाली होते हैं जो इस घोर कलियुग में उस मालिक के नाम से अपने-आपको जोड़ लेते हैं। इस घोर कलियुग में जीव राम-नाम से जुड़ना तो दूर उसे राम नाम कभी-कभार ही याद आता है।
Anmol Vachan: प्रभु-परमात्मा को अपना साथी बनाना है तो करो यह जरूरी काम!
Published On
By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि उस प्रभु को अपना साथी बनाना है तो यह जरूरी है कि इन्सान नेकी-भलाई के रास्ते पर चले, उस परमात्मा का नाम जपे। तड़प कर उस अल्लाह, मालिक को अपना बना लो और एक बार जब वह आपका हो गया तो कभी भी वह बिछोड़ा नहीं करता।
Anmol Vachan: जब कोई मुश्किल आती है, तब मालूम पड़ता है, सच्ची प्रीत किसकी है?
Published On
By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जब तक इन्सान मुर्शिदे-कामिल की शरण में नहीं आता, उसे यह मालूम नहीं होता कि सच्ची प्रीत किसकी है। इन्सान बहुत से यार, दोस्त, मित्र बनाता है, रिश्ते-नाते जोड़ता है लेकिन जब कोई मुश्किल आती है, तब मालूम पड़ता है कि सारे ही रास्ता छोड़ गए। उस समय कोई हमराही बनता है तो वो ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, राम बनता है।
Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इन्सान इस संसार में किस वजह से दुखी, परेशान है?
Published On
By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान इस संसार में किसी और वजह से नहीं, बल्कि अपने कर्मों की वजह से दुखी, परेशान है। खुद के पाप-कर्म, खुद की बुराइयां बढ़ती जाती हैं तो इन्सान के दु:ख-परेशानियों में बढ़ोतरी होती चली जाती है।
Anmol Vachan: इन्सान अपनी बुराई को ऐसे छोड़ सकता है!
Published On
By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जो इन्सान मालिक की भक्ति -इबादत करता है, उसकी याद में तड़पता है, मालिक उनके दिलो दिमाग में बस जाता है। वो मालिक से यही मांगते हैं कि उसे हमेशा मालिक का दीदार होता रहे, वो हमेशा मालिक के प्यार में खोया रहे और दुनिया से बेगाना हो जाए।
Anmol Vachan: ''काम-वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, मन व माया के पर्दे एक-एक करके गिरते चले जाते हैं''
Published On
By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि ऐसी कोई जगह नहीं, जहां वह परमपिता परमात्मा न हो। वो कण-कण, जर्रे-जर्रे में मौजूद है। कोई ऐसा सैकेंड नहीं होता, सैकेंड तो क्या सैकेंड का 100वां हिस्सा भी नहीं होता जब मालिक सारी त्रिलोकियों में न हो। हर समय, हर पल, हर जगह वो मौजूद रहता है।
Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इन्सान के अंत:करण की सफाई कैसे होगी व बुरे विचार अंदर से ऐसे जाएंगे
Published On
By Manmohan
संत, पीर, फकीर सत्संग में जीवों को मालिक के नाम का जाप करने का संदेश देते हैं। जिससे इन्सान के अंत:करण की सफाई होगी और बुरे विचार अंदर से चले जाएंगे और इसके पश्चात आप अपने विचारोें पर काबू पाना स्वयं सीख जाएंगे।
Anmol Vachan: बहुत भागों, नसीबों से इन्सान को मिलने वाला 'शब्द' जो भाग्य बदल देता है!
Published On
By Manmohan
सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि नाम-शब्द बहुत भागों, नसीबों से इन्सान को मिलता है। सुमिरन करे तो भाग्य बदल जाते हैं, सुमिरन न करे तो अपने कर्मों का बोझ इन्सान को उठाना पड़ता है। मालिक का नाम जब इन्सान को मिल जाता है, तो उसके बाद उसका सुमिरन करना अति जरूरी होता है।
Anmol Vachan: यदि सच्चे हृदय और भावना से ऐसा कर लिया जाए तो हर चिंता से मुक्ति मिल जाए!
Published On
By Manmohan
सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम वो खुशियां और बरकतें देता है, जिसकी इन्सान ने कभी कल्पना भी नहीं की होती। यदि इन्सान सच्चे हृदय और भावना से प्रभु का नाम लेता है तो प्रभु उस इन्सान को हर चिंता से मुक्त कर देता है।
Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी ने फरमाया...हमेशा परमानंद देने वाला कौन है?
Published On
By Manmohan
सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस घोर कलियुग में प्रभु का नाम सुखों की खान है। परमपिता परमात्मा के नाम के बिना दुनिया में परेशानियां हैं, दु:ख, तकलीफें, मुश्किलें हैं। केवल प्रभु, ईश्वर, अल्लाह, वाहेगुरु, परमपिता परमात्मा का नाम परमानंद देने वाला है। इसलिए हमेशा प्रभु के नाम का सुमिरन करो।
Anmol Vachan: पूज्य गुरु जी फरमाते हैं ...मालिक का रहमो-कर्म किन किन जीवों पर बरसता है?
Published On
By Manmohan
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का रहमो-कर्म हर उस जीव पर बरसता है, जिनके अंत:करण में मालिक के प्रति प्यार और जुबां पर सबका भला होता है, मालिक उन्हें अंदर-बाहर से खुशियों से नवाजते रहते हैं। जो लोग दोगली नीति में चला करते हैं, उनके लिए नरकों का रास्ता खुला रहता है। इसलिए शुद्ध भावना से परमात्मा को याद किया करो ताकि वो आप पर दया-मेहर करे और आपकी जिंदगी में खुशियां भर दे।
Anmol Vachan: ''सोचने से पहले ही की हर जायज मांग को पूरा कर देता है वो परमात्मा''
Published On
By Manmohan
सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि परमपिता परमात्मा वो तमाम खुशियां इन्सान को बख्शता है, जिनकी इन्सान ने कल्पना भी नहीं की होती।