जाखल के इकलौते खेल स्टेडियम की बदहाली पर उठे सवाल
मैदान में उगी झाड़ियां और जगह-जगह गिरी बाउंड्री दीवार
जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Jakhal News: खंड के गांव नत्थुवाल स्थित खेल मैदान में युवा अपने सपनों को पंख देने के लिए पसीना बहाते हैं, लेकिन आज यही मैदान बदहाली और अव्यवस्था का शिकार है। जाखल खंड के एकमात्र प्रमुख खेल स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। स्टेडियम की मौजूदा स्थिति से साफ नजर आता है कि लंबे समय से इसके रखरखाव की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। खिलाड़ियों अमन, राहुल, प्रीत, सुखदेव और रमन ने बताया कि स्टेडियम के बाथरूम टूटे पड़े हैं और खिड़की-दरवाजों की हालत भी जर्जर हो चुकी है।
सफाई व्यवस्था का भी बुरा हाल है। बाथरूम और मैदान के आसपास घास तथा झाड़ियां उगी होने के कारण सांपों और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। खिलाड़ियों के अनुसार कई बार मैदान में सांप दिखाई देने से अभ्यास के दौरान डर का माहौल बन जाता है। ऐसे में खिलाड़ियों के सामने सवाल है कि वे खेल अभ्यास पर ध्यान दें या अपनी सुरक्षा पर।
2008 में बनाया गया था खेल स्टेडियम
वर्ष 2008 में निर्मित उक्त खेल मैदान देखरेख के आभाव में आज पूरी तरह से बदहाल स्थिति में चला गया है। खेल स्टेडियम में लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। मैदान में हर समय गंदा पानी जमा रहता है। पूरा स्टेडियम जंगली घास से भरा पड़ा है, वहीं मैदान पूरी तरह से समतल भी नहीं है, जो जगह-जगह उबड़ खाबड़ है, जिससे मैदान के चारों ओर दौड़ लगाने वाले कभी भी गिरकर किसी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। वही जब जाखल पंचायत एवं खंड अधिकारी से बात करनी चाहिए तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
मैदान में बड़ी-बड़ी घास, अभ्यास में परेशानी
मैदान की स्थिति भी चिंताजनक है। जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उगी हुई हैं। नियमित सफाई और घास कटाई नहीं होने के कारण दौड़, खेल प्रशिक्षण तथा शारीरिक अभ्यास करने वाले युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सेना-पुलिस भर्ती की तैयारी भी प्रभावित
खास बात यह है कि जाखल खंड में यह प्रमुख खेल स्टेडियम है, जहां क्षेत्र के युवा विभिन्न खेलों की तैयारी के साथ सेना, पुलिस और अन्य भर्तियों के लिए शारीरिक अभ्यास करते हैं। ऐसे में सुविधाओं और उचित रखरखाव के अभाव का सीधा असर खिलाड़ियों की तैयारी पर पड़ रहा है। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवाओं को खेलों से जोड़ने की बातें तो लगातार होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को सुरक्षित और सुविधाजनक मैदान तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
सवाल, खिलाड़ी अभ्यास करें तो कहां?
ग्रामीण राजपाल, तरसेम, निक्का और अमृत सिंह ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से स्टेडियम की सुध लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में तुरंत सफाई अभियान चलाकर घास और झाड़ियों को हटाया जाए। इसके साथ ही टूटे बाथरूमों की मरम्मत, खिड़की-दरवाजों को ठीक करने और गिरी हुई बाउंड्री दीवार का पुनर्निर्माण करवाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि खेल स्टेडियम ही सुरक्षित और सुविधाजनक नहीं होगा तो क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं आखिर अभ्यास कहां करेंगी।
जगह-जगह गिरी बाउंड्री दीवार
स्टेडियम की बाउंड्री दीवार भी कई स्थानों से धराशायी हो चुकी है। इससे स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बाउंड्री के खुले हिस्सों से आवारा पशुओं के मैदान में प्रवेश करने की आशंका बनी रहती है, जिससे मैदान की स्थिति और खराब होने के साथ खिलाड़ियों के अभ्यास में भी बाधा आती है।
एस्टीमेट भी किया था तैयार: सरपंच
खेल स्टेडियम की मांग के लिए पंचायत की तरफ से उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा गया है। प्रस्ताव डालकर एस्टीमेट भी तैयार किया जा चुका है लेकिन अब तक कोई काम नहीं किया गया है। खेल प्रतिभाओं में निखार के लिए मैदान में सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। सरकार से मांग है कि इस खेल स्टेडियम जो आज खंडार बन चुका है इसकी और जल्द से जल्द ध्यान दिया जाए। ताकि खिलाड़ी अपनी प्रतिभा निखार सकें।
- गुरमेल सिंह, सरपंच, नत्थूवाल