Lumpy Skin Disease: लंपी स्किन से बचाव के लिए पशुपालन विभाग अलर्ट, गांवों में घर-घर जांच और टीकाकरण अभियान तेज
प्रहलादगढ़ में घर-घर जाकर हुई गौवंश की जांच, सभी पशु मिले स्वस्थ: डा. सोनू वर्मा
भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। Lumpy Skin Disease News: गौवंश में फैल रही लंपी स्किन बीमारी (एलएसडी) से बचाव और रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभागीय उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देशोें के तहत ग्रामीण इलाकों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। यह विशेष अभियान पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. रविंद्र सहरावत के निर्देशोें और उपमंडलाधिकारी डा. राजेश जाखड़ के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में पशुपालन विभाग की टीम ने गांव प्रहलादगढ़ का दौरा किया।
टीम ने पशु चिकित्सक सोनू वर्मा के नेतृत्व में घर-घर जाकर गोवंश की गहन चिकित्सीय जांच की। हालांकि बाहर से आने वाले एक-दो गौवंश में बीमारी के लक्ष्ण मिले थे, लेकिन उन्हे वैक्सीन लगा दी गई तथा वे भी अब स्वस्थ है। पशु स्वास्थ्य जांच अभियान का नेतृत्व कर रहे पशु चिकित्सक सोनू वर्मा ने बताया कि लंपी स्किन एक संक्रामक बीमारी है, इसलिए सतर्कता ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि गांव प्रहलादगढ़ पशु अस्पताल के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों में लंपी स्किन बीमारी की 1500 वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
लंपी से बचाव के लिए चिकित्सकीय सलाह जरूरी
उन्होंने बीमारी से बचाव के लिए पशुपालकों को निर्देश देते हुए कहा कि नए या बाहर से लाए गए पशुओं को कम से कम 14 से 21 दिनों तक स्वस्थ पशुओं से अलग रखें, बाड़े और पशुशाला में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, मक्खी, मच्छर और चीचड़ों को पनपने न दें, क्योंकि ये बीमारी फैलाने के मुख्य कारक हैं, पशुओं में बुखार, त्वचा पर गांठें या आंख-नाक से पानी बहने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी पशु अस्पताल में संपर्क करें, बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी दवा का उपयोग न करें। इस दौरान उनके साथ वीएलडीए सुनील, पंकज, लक्ष्मण, हिमांशु, रोहित, एनीमल अटेंडेंड देवेंद्र, प्रेम बिंद्र बोस, कुलदीप, सोमबीर भी मौजूद रहे।