भारत बहु-सांस्कृतिक समाज की उत्कृष्ट मिसाल: मुफ़्ती अतहर शम्सी

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कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: अल कुरआन एकेडमी कैराना के निदेशक मुफ़्ती अतहर शम्सी ने कहा है कि इस्लाम बहु-सांस्कृतिक समाज का समर्थक है और विभिन्न धर्मों, भाषाओं एवं संस्कृतियों के लोगों के बीच सम्मान, न्याय और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि क़ुरआन मानव समाज की विविधता को ईश्वर की योजना का हिस्सा बताता है तथा इसे टकराव नहीं, बल्कि पारस्परिक परिचय और सहयोग का माध्यम मानता है। उन्होंने कहा कि पैग़म्बर मुहम्मद द्वारा मदीना में स्थापित सामाजिक व्यवस्था इस्लामी बहु-सांस्कृतिक दृष्टिकोण का व्यावहारिक उदाहरण है।

जहाँ विभिन्न समुदायों को समान अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और न्याय प्राप्त था। इस्लाम गैर-मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा, मानवता की सेवा तथा मतभेदों के बावजूद सद्भाव बनाए रखने पर विशेष बल देता है। मुफ़्ती अतहर शम्सी ने कहा कि भारत अपनी धार्मिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के कारण इस आदर्श का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और इसका संरक्षण सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। उनके अनुसार यदि क़ुरआन के न्याय, सहिष्णुता और पारस्परिक सम्मान के सिद्धांतों को अपनाया जाए तो समाज में स्थायी शांति और भाईचारे को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है।

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