सत्ता हथियाने और पंजाब को लूटने का मौकापरस्त संयोग है अकाली दल-भाजपा गठजोड़; लोग इसे सिरे से नकार देंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सत्ता हथियाने और पंजाब को लूटने का मौकापरस्त संयोग है अकाली दल-भाजपा गठजोड़; लोग इसे सिरे से नकार देंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
अमलोह (फतेहगढ़ साहिब) शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच फिर से गठबंधन होने की चल रही चर्चाओं के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि दोनों पार्टियों का एक साथ आना, पंजाब के लोगों द्वारा बार-बार नकारे जाने के बाद राजनीतिक सत्ता हासिल करने की एक निराशाजनक कोशिश को दर्शाता है। अमलोह हलके के गाँव शमसपुर में लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन जनता की भलाई या किसी साझा विचारधारा के लिए नहीं, बल्कि उस राजनीति को जीवंत करने के लिए किया जा रहा है, जिसने नशों की पुश्तपनाही, किसान विरोधी नीतियों और बाँटो और राज करो के एजेंडे के ज़रिये पंजाब का नुकसान किया था।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस आंतरिक कलह और नेतृत्व की व्यक्तिगत इच्छाओं की भेंट चढ़ चुकी है। पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए जनकल्याण के प्रयासों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंजाबियों ने 2022 में ईमानदार शासन और विकास को चुना और वे अब लूट, धोखाधड़ी और निजी हितों की राजनीति को फिर से हावी नहीं होने देंगे।
सभा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया, "पंजाबी पहले ही पारंपरिक पार्टियों को नकार चुके हैं और वे ऐसे मौकापरस्त राजनीतिक समझौतों के ज़रिये उन्हें वापस नहीं आने देंगे, जो न तो किसी विचारधारा और न ही जनता की भलाई के हक में हैं।"
अकाली दल और भाजपा के उभरते गठबंधन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अकाली दल-भाजपा गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए घातक साबित होगा क्योंकि यह किसी विचारधारा या जनकल्याण के सरोकार पर आधारित नहीं है। इसका एकमात्र उद्देश्य पंजाब में सत्ता हथियाना है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने सालों एक-दूसरे पर हमले किए और ज़हर उगला है। अब वे लोगों को बताएँ कि वे किस मुँह से जनता से समर्थन माँगेंगे। पंजाबी ऐसे राजनीतिक ड्रामों के छलावे में नहीं आएँगे और उन्हें करारा सबक सिखाएँगे।"