Suspended: नगर विकास न्यास में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सरकार की बड़ी कार्रवाई: सचिव समेत 5 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

सभी पर विभिन्न प्रकार की शिकायतों की प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने का आरोप है

Published On

Suspended: श्रीगंगानगर। राज्य सरकार ने नगर विकास न्यास में लंबे समय से चली आ रही शिकायतों और कथित अनियमितताओं पर सख्त एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की राज उन्नति बैठक के तुरंत बाद नगर विकास न्यास के सचिव अशोककुमार असीजा, सहायक अभियंता संदीप वर्मा, पटवारी रतनलाल तथा दो कर्मचारी जितेंद्र शसिंह और सुनील कुमार को निलंबित कर दिया गया। इन सभी पर विभिन्न प्रकार की शिकायतों की प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने का आरोप है। Sri Ganganagar News

नगर विकास न्यास के सचिव अशोककुमार असीजा करीब डेढ़ वर्ष से इस पद पर कार्यरत थे। उनके कार्यकाल में लगातार शिकायतें राज्य सरकार और जिला प्रशासन को प्राप्त होती रहीं। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज राज उन्नति संबंधी उच्च स्तरीय बैठक में श्रीगंगानगर सहित अन्य शहरों के अधिकारियों की जमकर क्लास ली। बैठक के कुछ देर बाद ही उप शासन सचिव लेखराज सैनी ने विभागीय जांच विचाराधीन होने का हवाला देते हुए अशोककुमार असीजा समेत अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के निलंबन के आदेश जारी कर दिए। निलंबन की खबर मिलते ही न्यास कार्यालय में हड़कंप मच गया है।

चक 1-ए कॉलोनी में पट्टों का विवाद

अशोककुमार असीजा के कार्यकाल के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा मामला चक 1-ए में विकसित हुई आवासीय कॉलोनी का है। यहां एक के बाद एक लगभग 50 पट्टे जारी कर दिए गए, जबकि शहर की अन्य कॉलोनियों के कॉलोनाइजर न्यास कार्यालय के चक्कर काटते रहते थे। आम शिकायत थी कि न्यास में उसी का पट्टा बनता है जो सेवा शुल्क देता है।जिला कलेक्टर डॉ. मंजू  ने अपने कार्यकाल में इन पट्टों को खारिज कर दिया था। फिर भी इस मामले की उच्च स्तर पर जांच हुई। जिला कलेक्टर न्यास का अध्यक्ष भी होता है।

सूरतगढ़-पदमपुर बाईपास ट्रांसपोर्ट नगर विवाद

दूसरा बड़ा विवाद सूरतगढ़-पदमपुर बाईपास पर प्रस्तावित ट्रांसपोर्टनगर की जमीन को लेकर सामने आया। इस जमीन के आवंटन में कथित अनियमितताओं पर सचिव अशोककुमार असीजा पर शक की उंगलियां उठीं। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया, जहां जिला कलेक्टर को तलब किया गया और उन्हें करीब 2 घंटे तक खड़े रहना पड़ा। यह मामला भ्रष्टाचार का काफी गंभीर माना जा रहा है।हिंदूमलकोट मार्ग पर लायलपुर कृषि फार्म की जमीन पर काटी गई आवासीय कॉलोनी में भी सचिव और अन्य अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। कई शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में ठोस सबूत भी जुटाए होने का दावा किया है।

राजनीतिक लोगों को नियमों की अनदेखी कर अलॉटमेंट

स्थानीय विधायक के एक करीबी भाजपा नेता के परिवारिक ट्रस्ट को नियम-कायदों की अनदेखी करते हुए अनेक भूखंड अलॉट कर दिए गए।भाजपा की एक वरिष्ठ नेत्री, जो एक मोर्चा की जिलाध्यक्ष भी हैं, के परिवार के नाम भी इसी तरह के भूखंड आवंटित करने की चर्चा है।इन आवंटनों की शिकायतें राज्य सरकार तक पहुंची थीं। Sri Ganganagar News

चहल चौक का सबसे बड़ा घोटाला

शहर के प्राइम लोकेशन चहल चौक में एक भूखंड का मामला न्यास के भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा प्रमाण बनकर उभरा। यहां 1994 से एक पार्षद चुनाव लड़ चुके नेता के परिवार का भूखंड था, जिसका पिछले वर्ष किसी अन्य व्यक्ति के नाम पट्टा जारी कर दिया गया। पीड़ित पक्ष ने राज्य सरकार के संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और कागजात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाए। जांच शुरू होते ही अशोककुमार असीजा ने स्वयं उस पट्टे को निरस्त कर दिया।

न्यास में अध्यक्ष पद 10 वर्ष से खाली

श्रीगंगानगर नगर विकास न्यास में पिछले 10 वर्षों से अध्यक्ष का पद रिक्त है। न तो कांग्रेस की पिछली सरकार ने और न ही भाजपा की मौजूदा सरकार ने अभी तक इस पद पर नियुक्ति की है। इसी कारण पट्टा बनवाना आम लोगों के लिए “आसमान से तारे तोड़ने” जितना मुश्किल हो गया है।

सचिव के तबादले की अटकलें

छले 4 महीनों से अशोककुमार असीजा के निलंबन या तबादले की अटकलें लगातार चल रही थीं। उन्हें भी इसकी भनक थी, इसलिए वे ऑफिस आने से कतराते थे। लगातार विवादों के कारण जिला कलेक्टर के साथ भी उनके अनबन रहने लगी थी। उन पर विधायक का पिट्ठू होने का लेवल लग गया था।अप्रैल महीने में वे लगभग पूरे महीने अवकाश पर रहे। जानकार सूत्र बताते हैं कि वे किसी भी तरह से यहां से तबादला करवाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी कोशिश कामयाब नहीं हुई। Sri Ganganagar News

About The Author

Related Posts