303 फर्मों ने की 4044 करोड़ रु. की धोखाधड़ी, पंजीकरण रद्द

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206 फर्में केंद्र के पास, 11 पंजाब में थी रजिस्टर्ड | Chandigarh News

  • 68 फर्मों ने किया दस्तावेजों का गलत प्रयोग | Chandigarh News

चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Chandigarh News: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में 303 ऐसी फर्म या कंपनियों का पदार्फाश किया है जो लोहे की खरीद-फरोख्त से जुड़े फर्जी बिल दिखाकर 4044 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी रिटर्न भर रही थीं। इनमें से 206 फर्म केंद्र के पास रजिस्टर्ड थीं। जबकि 11 पंजाब और 86 अन्य राज्यों से संबंधित थीं। ये कंपनियां लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़ सहित कई क्षेत्रों से काम कर रही थीं।

ये फर्म कुछ समय पहले ही रजिस्टर्ड हुई थीं। यह दावा पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में सभी फर्मों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। 11 लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है, जबकि केंद्र को भी कार्रवाई करनी है। केंद्र के पास रजिस्टर्ड फर्मों को सीधे ब्लॉक करके 89 करोड़ रुपये बचाए गए हैं। अब सभी फर्मों का आधार से रजिस्ट्रेशन होगा। ताकि फर्जी रजिस्ट्रेशन न हो।

सोने के बिल दिखाकर दो कंपनियों ने ठगी | Chandigarh News

अमृतसर की एक फर्म से 336 करोड़ रुपये के सोने के फर्जी बिल पकड़े गए हैं। सोना कहां खरीदा और बेचा गया, इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस पर 20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दूसरी कंपनी लुधियाना की है। इसने 424 करोड़ रुपये की ठगी की है। कंपनी पर 25 करोड़ रुपये का टैक्स लगेगा। उन्होंने कहा कि बड़ी चोरी पकड़ी गई है। इनसे पैसे वसूले जाएंगे।

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि 68 ऐसी फर्म भी पकड़ में आई है। जिनकी रजिस्ट्रेशन दूसरों के नाम पर थी। इसमें मालिक कंपनी में काम करने वाले मुजाजिम या नौकर बना दिए थे। मुलाजिमों के दस्तावेजों का गलत प्रयोग किया था। लेकिन उन लोगों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे मामलों में 533 करोड़ की हेराफेरी पकड़ी है। उन्होंने बताया कि यह लोग बहुत ही शातिर थे। उनकी नजर ऐसे लोगों पर आगे भी रहेगी। Chandigarh News

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