अब हरियाणा की मदद से राजस्थान को मिलेगा यमुना नदी का पानी
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक
नई दिल्ली/चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Rajasthan News: यमुना नदी के पानी को हरियाणा के रास्ते राजस्थान को दिए जाने वाले पानी को पहुंचाने में हरियाणा सरकार पूरा सहयोग करेगी। यह दावा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड (यूवाइआरबी) तहत हुए समझौते का वह सम्मान करते हैं। मौजूदा परिस्थितियों को समझौते की समीक्षा कर नए तरीके से एमओयू करने की जरूरत है। इस पर सोमवार को अगली बैठक में दोनों राज्यों की ओर से हस्ताक्षर किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर.पाटिल की अध्यक्षता में उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर मंगलवार को हुई बैठक के बाद हुई बैठक के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा दोनों प्रदेश के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड (यूवाईआरबी) समझौते के तहत राजस्थान के हिस्से के पानी की आपूर्ति के विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। इस संबंध में निर्णय लिया गया कि समझौते के अनुरूप राजस्थान को उसका निर्धारित जल पाइपलाइन के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इस विषय पर सोमवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
बरसात का पानी पहुंचेगा राजस्थान
हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा समझौते के तहत राजस्थान को मिलने वाले जल के अधिकार का सम्मान करता है और राजस्थान को निर्धारित हिस्से का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग से जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है, जिससे सभी प्रदेशों को लाभ मिलेगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान केवल समझौते के तहत निर्धारित जल की ही मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में नदियों में बहने वाले अतिरिक्त जल का प्रभावी उपयोग कर यदि उसे राजस्थान तक पहुंचाया जाए तो राज्य के एक बड़े क्षेत्र में पेयजल संकट का स्थायी समाधान संभव
- यमुना जल समझौते से राजस्थान के मुख्य रूप से शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, चूरू और झुंझुनू जिलों में गंभीर पेयजल संकट का स्थायी समाधान होगा।
- हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से पानी राजस्थान तक लाया जाएगा
- भूमिगत पाइपलाइन के जरिए पानी को शेखावाटी तक पहुंचाया जाएगा।
