Bhagalpur Flood incident: बाढ़ के पानी में डूबे छह बच्चे, गांव में पसरा मातम

बिहार के भागलपुर में बड़ा हादसा

Published On

Bhagalpur Flood incident: भागलपुर (सच कहूँ/एजेंसी)। बिहार के भागलपुर जिले में सोमवार को बाढ़ के पानी में डूबने से छह बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव में हुआ। मृतकों में चार लड़के और दो लड़कियां शामिल हैं। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे सड़क किनारे बने एक गड्ढे में जमा बाढ़ के पानी में स्नान करने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि बच्चों को पानी की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं था। स्नान के दौरान कुछ बच्चे अचानक गहरे हिस्से में चले गए और पानी में डूबने लगे। घटना का पता चलते ही आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को बचाने के लिए प्रयास शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया।

पुलिस ने बरामद किए सभी छह शव

हादसे की जानकारी मिलते ही सुल्तानगंज थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोगों के सहयोग से पुलिस ने पानी में तलाश अभियान चलाया और सभी छह बच्चों के शव बरामद कर लिए। पुलिस के मुताबिक, मृतकों में पांच बच्चे सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 27 के निवासी थे, जबकि एक बच्चा सबौर थाना क्षेत्र से संबंधित था। शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है।

बताया जा रहा है कि बच्चे करमा पर्व के सिलसिले में पानी में गए थे। इसी दौरान सड़क किनारे बाढ़ के पानी से भरे गड्ढे में यह हादसा हो गया। सुल्तानगंज थाना प्रभारी धनंजय कुमार ने बताया कि सड़क के किनारे बने गड्ढे में बाढ़ का पानी जमा था। बच्चों को इसकी गहराई का अनुमान नहीं था और स्नान के दौरान वे हादसे का शिकार हो गए।

हादसे के बाद गांव में पसरा मातम

छह बच्चों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक साथ छह बच्चों की मौत से पूरे गांव और आसपास के इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है। भागलपुर सहित बिहार के कई हिस्सों में इस समय बाढ़ और जलजमाव की स्थिति बनी हुई है।

ऐसे हालात में सड़क किनारे बने गड्ढों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों में पानी की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है। विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को बाढ़ के पानी में जाने से बचने तथा बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की सलाह दी जाती है। खासकर जलजमाव वाले क्षेत्रों में बच्चों को अकेले जाने से रोकना बेहद जरूरी है।

About The Author

Related Posts