Gold Silver Prices Today: सोने-चांदी में लौटी रौनक, गिरावट के बाद दमदार वापसी
अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के बाद सोने-चांदी की कीमतों में तीन दिन की गिरावट पर लगा ब्रेक
MCX Gold Silver Prices Today: नई दिल्ली (सच कहूँ/एजेंसी)। गुरुवार को सोने और चांदी के बाजार में खरीदारी बढ़ने से दोनों कीमती धातुओं ने मजबूती दर्ज की। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने निचले भाव पर खरीदारी की, जिसका असर भारतीय वायदा बाजार में भी दिखाई दिया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव ₹1,45,848 प्रति 10 ग्राम से बढ़कर ₹1,47,482 पर खुला। कारोबार के दौरान इसकी कीमत ₹1,47,650 तक पहुंच गई। इस तरह पिछले सत्र के मुकाबले शुरुआती भाव में ₹1,634 की बढ़त दर्ज हुई। चांदी में भी सुधार देखने को मिला। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹2,08,338 प्रति किलोग्राम के पिछले बंद भाव से बढ़कर ₹2,09,028 पर खुली और कारोबारी सत्र में ₹2,09,950 तक पहुंच गई।
तीन सत्रों की गिरावट के बाद सोने को राहत
इससे पहले सोने की कीमत लगातार तीन कारोबारी सत्रों तक दबाव में रही थी। पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन इसका भाव ₹1,51,499 प्रति 10 ग्राम था, जो गिरकर ₹1,45,848 तक आ गया। इस दौरान सोने में कुल ₹5,651 की गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार की तेजी ने बाजार को कुछ राहत दी।
अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में मासिक आधार पर 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कोर CPI 0.3 प्रतिशत बढ़ी। इन आंकड़ों के बाद कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अगले कारोबारी सत्र में खरीदारी बढ़ने से सोने और चांदी ने रिकवरी की।
चांदी अब भी रिकॉर्ड स्तर से नीचे
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना लगभग 4,160 डॉलर प्रति औंस और चांदी करीब 56.2 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी। हालांकि, चांदी अपने बताए गए रिकॉर्ड उच्च स्तर ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम से काफी नीचे है। कीमतों में आई तेजी के बावजूद आगे की चाल को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, महंगाई के नए आंकड़े, डॉलर की दिशा और वैश्विक घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए निवेश से पहले ताजा भाव और जोखिम का आकलन करना जरूरी है।