Gurugram News: पूज्य गुरु जी को दिया मिस्टर इंडिया सीजन-4 के विजेता प्रोफेसर डॉ. संजय ने अपनी सफलता का श्रेय
पूज्य गुरु जी का आशीर्वाद ही उनके जीवन की हर उपलब्धि में सदैव फलता-फूलता है
Mr. India Season 4: गुरुग्राम (सच कहूँ/संजय मेहरा)। पेशे से प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार ने फैशन की दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए मिस्टर इंडिया सीजन-4 का खिताब अपने नाम किया है। उदयपुर में आयोजित भव्य समारोह में डॉ. संजय को मिस्टर इंडिया सीजन-4 का विजेता घोषित किया गया। उन्होंने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को दिया है। उनका आशीर्वाद ही उनके जीवन की हर उपलब्धि में सदैव फलता-फूलता है। कई वर्षों से उनका परिवार और वे स्वयं डेरा सच्चा सौदा से जुड़े हैं। Gurugram News
मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ढलियारा गांव के मूल निवासी प्रोफेसर डॉ.संजय कुमार ने कहा कि पूज्य गुरु जी का उनके जीवन की हर सफलता में आशीर्वाद रहता है। डॉ. संजय कुमार ने ज्ञान के साथ फैशन में भी खुद को निखारा है। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक से पीएचडी कर चुके डॉ. संजय मॉडलिंग की दुनिया में उच्च शिक्षा का दुर्लभ उदाहरण हैं। मिस्टर इंडिया सीजन-4 में शुरूआत से ही उनकी बौद्धिक क्षमता, शालीनता और आत्मविश्वास ने सबका ध्यान खींचा। फिनाले में रैंप वॉक, व्यक्तित्व और सवाल-जवाब में उन्होंने सटीक जवाबों और आत्मविश्वास से निर्णायकों एवं दर्शकों का दिल जीता।
डॉ. संजय कई राष्ट्रीय ब्रांड्स के विज्ञापनों का हिस्सा रह चुके हैं। देश के बड़े फैशन वीक्स में रैंप वॉक का लंबा अनुभव रखते हैं। मिस्टर एंड मिस इंडिया नेक्स्ट टॉप सुपर मॉडल सीजन-4 मॉडलिंग रिवोल्यूशन की तरफ से गीतांजलि रिजॉर्ट उदयपुर में आयोजित किया गया था। इस शो के आयोजक साहिल रघुवंशी और मयंक लालवानी हैं। इस शो में भारतभर से 25 युवक और 25 युवतियां ग्रैंड फिनाले के लिए चुने गए थे। डॉ. संजय सीनियर कैटेगरी में विनर रहे, मान्यता वैष्णव मिस कैटेगरी की विनर रहीं और प्रणजाल जूनियर कैटेगरी के विनर रहे। इस शो में डॉ. संजय को कैश प्राइज, दो एल्बम सॉन्ग और एक साल का मॉडलिंग कॉन्ट्रेक्ट मिला है।
ढलियारा से मिस्टर इंडिया तक का सफर
डॉ. संजय कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ढलियारा से प्राप्त की और फिर उच्च शिक्षा के लिए महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी गए, जहां से उन्होंने पीएचडी की डिग्री हासिल की। वर्तमान में वे प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं और शिक्षा के क्षेत्र में भी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. संजय की यह जीत सिर्फ एक खिताब नहीं है। यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और सही दिशा में किए गए प्रयासों से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। इस उपलब्धि को हासिल करके डॉ. संजय कुमार ने यह साबित कर दिया कि डिग्री और ड्रीम दोनों साथ चल सकते हैं। हिमाचल से उठकर राष्ट्रीय मंच परचम लहराने वाले इस प्रोफेसर पर पूरे प्रदेश को गर्व है।