Body Donation: नटार की दूसरी देहदानी बनी 81 वर्षीय ऊषा रानी इन्सां

Published On

आर.बी. आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल आगरा में दान की मृत देह

Body Donation: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक सरसा के गांव नटार निवासी 81 वर्षीय ऊषा रानी इन्सां पत्नी अशोक मिढ़ा इन्सां के मरणोपरांत स्वजन की ओर से उनकी मृत देह को मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान किया गया। उनकी मृत देह को आर.बी. आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल जलेसर रोड आगरा भेजा गया। जहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भावी चिकित्सक विभिन्न बीमारियों पर रिसर्च करेंगे। इससे पूर्व सचखंडवासी के आवास पर अरदास का शब्द बोला और मृत शरीर को फूलों से सजाई एंबुलेंस में रखा गया। तत्पश्चात सचखंड वासी के आवास से लेकर मुख्य मार्ग तक उनकी अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई। Sirsa News

इस दौरान साथ चल रहे शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार, ग्रामीण व उपस्थित सगे संबंधियों ने जब तक सूरज चांद रहेगा शरीर दानी ऊषा रानी इन्सां तेरा नाम रहेगा, शरीर दानी ऊषा रानी इन्सां अमर रहे, अमर रहे के गगनभेदी नारे लगाकर आसमान को गुंजायमान किया। बाद में मुख्य मार्ग से समस्त उपस्थित जनों की ओर से धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा का इलाही नारा बोलकर एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया। नटार के प्रेमी सेवक रमेश इन्सां ने बताया कि ऊषा रानी इन्सां को गांव नटार की दूसरी देहदानी होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

सचखंडवासी का परिवार मानवता भलाई कार्य में हमेशा अग्रणी रहता है

अर्थी को कंधा देती बेटियां।

परिवार के जज्बे को हम सलाम करते है। ब्लॉक प्रेमी सेवक कस्तूर सोनी इन्सां ने बताया कि सचखंडवासी ऊषा रानी इन्सां का परिवार लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हुआ है औैर मानवता भलाई कार्य व सेवा सुमिरन में हमेशा अग्रणी रहता है। इस अवसर पर प्रेमी सेवक डा. रमेश इन्सां, डा. रवि इन्सां सहित पे्रमी समिति के सदस्य, स्वजन व गांव के गणमान्य जन मौजूद रहे। Sirsa News

वहीं अंतिम विदाई के समय पूज्य गुरु जी की शिक्षाओं पर चलते हुए बेटा-बेटी एक समान शिक्षा की बानगी देखने को मिली। जिसमें सचखंडवासी की बेटी आरती, पुत्रवधू सीमा, पंकज, पुत्र मनीष इन्सां, कपिल इन्सां सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों ने उनकी अर्थी को कंधा दिया।

गांव नटार के सरपंच बाबूराम ने कहा कि डेरा श्रद्धालु ऊषा रानी इन्सां के मरणोपरांत उनके परिजनों की ओर से उनका शरीरदान कर महान कार्य किया है। परिवार की इस सोच को ग्राम पंचायत सैल्यूट करती है। क्योंकि स्वजन कायह प्रयास विभिन्न बीमारियों की रोकथाम में होने वाली रिसर्च में मिल का पत्थर साबित होगी। Sirsa News

Eye Donation: बरासरी के बलवंत बैनीवाल मरणोपरांत भी कर गए दो लोगों की जिंदगी रोशन

About The Author

Related Posts