Agricultural News: एचएयू का फ्रूट फ्लाई ट्रैप: फल व सब्जियों को कीटों से बचाने की असरदार तकनीक
फल-सब्जियों को 70% नुकसान से बचाएगा नया ट्रैप
हिसार, (सच कहूँ/मुकेश)। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) द्वारा विकसित फ्रूट फ्लाई ट्रैप फलदार फसलों और सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचाने वाली फल मक्खी के नियंत्रण में किसानों के लिए प्रभावी तकनीक साबित हो रहा है। वर्षा ऋतु में इस कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है, जिससे अमरूद, किन्नू, नाशपाती, आड़ू, आलूबुखारा और आम जैसी फलदार फसलों के साथ-साथ घीया, तोरी, खीरा, करेला, तरबूज, खरबूजा और कद्दू वर्गीय सब्जियों में 70 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका रहती है। Agricultural News
एचएयू के कीट विज्ञान विभाग के अनुसार मादा फल मक्खी फलों की ऊपरी सतह के नीचे अंडे देती है। इन अंडों से निकलने वाले सफेद लार्वा फल के भीतर ही विकसित होकर उसे अंदर से सड़ा देते हैं। चूंकि कीट फल के अंदर रहता है, इसलिए सामान्य कीटनाशकों का प्रभाव सीमित रहता है। ऐसे में फ्रूट फ्लाई ट्रैप नर फल मक्खियों को आकर्षित कर उन्हें फंसा लेता है, जिससे उनका प्रजनन चक्र टूटता है और कीट की संख्या नियंत्रित रहती है।
संक्रमित फलों का करें सुरक्षित निस्तारण | Agricultural News
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. कम्बोज तथा अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने किसानों को सलाह दी है कि संक्रमित फलों को प्रतिदिन अथवा एक दिन छोड़कर एकत्रित करें और उन्हें कम से कम दो फीट गहरे गड्ढे में दबा दें। उन्होंने बताया कि गर्मियों में खेत की गहरी जुताई करने से कीट की प्यूपा अवस्था नष्ट हो जाती है, जिससे अगले मौसम में इसका प्रकोप काफी कम हो जाता है। उन्होंने किसानों से फल बनने की अवस्था से पहले ट्रैप लगाने और उन्हें पेड़ की ऐसी शाखा पर टांगने की सलाह दी, जहां सीधी धूप कम पड़ती हो।
प्रति एकड़ 12 से 14 ट्रैप लगाने की सिफारिश
कीट विज्ञान विभाग की अध्यक्षा डॉ. सुनीता यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित फ्रूट फ्लाई ट्रैप की कीमत 130 रुपये प्रति ट्रैप निर्धारित की गई है। किसानों को प्रति एकड़ 12 से 14 ट्रैप लगाने की सिफारिश की गई है। ट्रैप में प्रयुक्त आकर्षक पदार्थ लगभग 30 दिन तक प्रभावी रहता है, इसलिए 30 से 35 दिन बाद इसे दोबारा चार्ज करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किसान यह ट्रैप चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कीट विज्ञान विभाग से प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान विश्वविद्यालय के टोल फ्री नंबर 1800-180-3001, दूरभाष 01662-255289 तथा मोबाइल 9729300525 पर संपर्क कर सकते हैं। Agricultural News