एक ही विक्रेता से किताबें व ड्रेस मिलने को लेकर डिप्टी डीईओ टीम ने जारी किये ये निर्देश

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डिप्टी डीईओ की टीम का निजी स्कूलों में निरीक्षण, फीस व किताबों को लेकर उठे सवाल

सरसा (सच कहूँ न्यूज)। जिला शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली की जांच के तहत बुधवार को डिप्टी डीईओ विजय सचदेवा की टीम ने शहर के सेंट जेवियर स्कूल और सतलुज पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फीस व किताबों की व्यवस्था को लेकर कुछ अहम बिंदु सामने आए, जिन पर टीम ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। टीम जब सेंट जेवियर स्कूल पहुंची तो बच्चों से पढ़ाई और किताबों से जुड़ी जानकारी ली। Sirsa News

इस दौरान सामने आया कि आठवीं कक्षा तक की किताबें एक ही पुस्तक विक्रेता से उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जबकि नौवीं से बारहवीं कक्षाओं के विद्यार्थी अलग-अलग विक्रेताओं से किताबें खरीदते हैं। इस पर टीम ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए कि किताबें ओपन मार्केट में भी उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि अभिभावकों को विकल्प मिल सके। निरीक्षण के दौरान फीस संरचना को लेकर भी जानकारी ली गई। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि वे एडमिशन फीस नहीं लेते, लेकिन वर्ष में एक बार वार्षिक फीस ली जाती है। साथ ही स्कूल ड्रेस भी एक ही निर्धारित दुकानदार से उपलब्ध करवाई जाती है, जिस पर अधिकारियों ने पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम ने सतलुज पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया।

यहां स्कूल प्रबंधन ने फार्म-6 के तहत फीस की पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई हुई थी। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि वे हर साल एडमिशन फीस नहीं लेते, बल्कि एक बार दाखिले के बाद अगले वर्षों में किसी प्रकार की एडमिशन फीस नहीं ली जाती। निरीक्षण के दौरान टीम ने दोनों स्कूलों को नियमों के अनुरूप कार्य करने और अभिभावकों की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को निजी स्कूलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Sirsa News

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