Sirsa Weather: सरसा में तेज आंधी-बारिश, तपते शहर को मिली ठंडक, पेड़ व बिजली के खंभे गिरे
किसानों के चेहरे खिले, कई इलाकों में बिजली बाधित, नरमा-कपास की फसल को मिली संजीवनी
सरसा (सच कहूँ ब्यूरो)। कई दिनों से भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से जूझ रहे सरसा जिले के लोगों को शनिवार को बड़ी राहत मिली। दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ जिले के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। Sirsa Weather News
हालांकि बारिश से पहले चली तेज आंधी ने जनजीवन को प्रभावित भी किया। कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जबकि बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। दोपहर तक जहां तेज धूप के कारण लोग घरों में दुबके हुए थे, वहीं शाम होते-होते मौसम पूरी तरह बदल गया। काले बादलों के छाने के साथ तेज हवाएं चलनी शुरू हुईं और देखते ही देखते बारिश ने दस्तक दे दी। बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई। मौसम सुहावना होने पर बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकले और खुले वातावरण में मौसम का आनंद लेते नजर आए।
आंधी से कई जगह नुकसान
बारिश से पहले चली तेज आंधी के कारण जिले के कई हिस्सों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। सड़कों पर पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। वहीं कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए और ट्रांसफार्मर गिरने से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली सप्लाई बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली निगम की टीमें देर शाम तक आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं।
किसानों के लिए राहत बनकर आई बारिश
शनिवार की बारिश किसानों के लिए किसी राहत से कम नहीं रही। जिले में इन दिनों नरमा और कपास की फसल की सिंचाई का कार्य चल रहा है। लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण खेतों में नमी तेजी से खत्म हो रही थी, जिससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा था। किसानों का कहना है कि पिछले कई दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा था। दोपहर के समय खेतों में जाना भी मुश्किल हो गया था। गर्म हवाओं के कारण नरमा-कपास के पौधे मुरझाने लगे थे और सिंचाई का खर्च भी बढ़ रहा था। ऐसे में हुई बारिश से खेतों को प्राकृतिक नमी मिली है, जिससे फसलों को संजीवनी मिलने की उम्मीद जगी है। Sirsa Weather News
मौसम हुआ खुशनुमा, लोगों ने ली राहत की सांस
बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट से लोगों ने राहत महसूस की। बाजारों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई। बच्चों और युवाओं ने भी मौसम का भरपूर आनंद लिया। लंबे समय बाद मौसम में आई नरमी से लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह मौसम सक्रिय रहता है तो गर्मी से और अधिक राहत मिलने की संभावना है।
बारिश के बाद बिजली लोड में कमी की उम्मीद
बारिश से बिजली की खपत में भी कमी आने की उम्मीद है। पिछले दिनों तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण जिले में प्रतिदिन बिजली की खपत एक करोड़ यूनिट से अधिक हो गई थी। बढ़े हुए लोड के चलते बार-बार फ्यूज उड़ने, ट्रांसफार्मर खराब होने और बिजली मीटरों में आग लगने जैसी घटनाएं सामने आ रही थीं। बारिश के बाद तापमान में गिरावट से बिजली व्यवस्था पर दबाव कम होने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना है। Sirsa Weather News
रानियां क्षेत्र में 30 एमएम तक बरसात
खारियां। मौसम विभाग की ओर से नौतपा के दौरान भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी के बीच शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। रानियां क्षेत्र में दोपहर बाद तेज धूलभरी आंधी के साथ करीब 25 से 30 एमएम तक बारिश दर्ज की गई। बारिश और ठंडी हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई।
बारिश से पहले करीब डेढ़ घंटे तक चली तेज आंधी के कारण करीवाला और बणी क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर गए तथा बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा। मौसम में आए बदलाव के चलते दिन का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से घटकर 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे आमजन के साथ-साथ पशु-पक्षियों और मवेशियों को भी राहत मिली। किसानों ने बताया कि दो दिन पहले तक तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था।
भीषण गर्मी के कारण नरमा, कपास, मूंग और तिल की फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा था। वहीं पशुओं के चारे के लिए बोई गई ज्वार और बाजरे की बढ़वार भी प्रभावित हो रही थी। किसान मुकेश कुमार, रोहित, विवेक, राजकुमार, महेंद्र सिंह और बुधराम ने बताया कि पिछले तीन दिनों में तापमान में करीब 18 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इससे खेतों में नमी बढ़ी है और फसलों को काफी फायदा होगा। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में और बारिश होती है तो धान, ग्वार और बाजरा की बुवाई में तेजी आएगी तथा नरमा, कपास, मूंग, तिल और मक्का की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है।
बारिश बनी किसानों के लिए संजीवनी
लगातार बढ़ रही गर्मी और सूखे जैसे हालात से किसान चिंतित थे। शनिवार को हुई बारिश ने खेतों में नमी पहुंचाकर फसलों को नई ऊर्जा दी है। किसानों का मानना है कि यह बारिश खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए लाभदायक साबित होगी और सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा।

बारिश के बाद खेतों में भरा पानी।