शिक्षा और रोजगार
Kaithal News: कैथल के अमित इन्सां संसार से जाते जाते बन गए दुनिया के लिए प्रेरणादायक उदाहरण
मेडिकल रिसर्च के दान किया पार्थिव शरीर तो दो अँधेरी जिंदगियो को रोशन करेगी आँखे
कैथल, (सच कहूँ /कुलदीप नैन)। मानवता की सेवा और समाज कल्याण के लिए नेत्रदान-देहदान (Body-Eye Donation) से बड़ा दान शायद ही कोई हो। इसी भावना को साकार करते हुए ब्लॉक कैथल के बलराज नगर निवासी 30 वर्षीय अमित इन्सां के निधन के बाद उनके परिजनों ने उनका पार्थिव शरीर मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए दान कर दिया। अमित इन्सां कैथल के 31वें शरीरदानी बने। डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत दान किए गए पार्थिव शरीर को संस्कारम यूनिवर्सिटी झज्जर को सौंपा गया, जहां यह भावी चिकित्सकों की पढ़ाई और मेडिकल रिसर्च में उपयोगी साबित होगा और उनकी आँखे सेवा संघ कैथल को दान की गयी, जो दो अँधेरी जिंदगियों को रोशन करने का काम करेगी।
अमित इन्सां पेशे से पेंटर थे और सेवादार नरेश इन्सां के भतीजे थे। परिजनों के अनुसार अमित इन्सां ने पहले ही देहदान का संकल्प लिया हुआ था तथा इसके लिए डेरा सच्चा सौदा, सरसा में फॉर्म भी भरा हुआ था। उनके इस संकल्प को पूरा करते हुए परिवार ने अंतिम संस्कार के बजाय देहदान का निर्णय लेकर समाज के सामने मानवता की प्रेरणादायक मिसाल पेश की। इस मौके पर सच्चे नम्र सेवादार, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के सदस्य, ब्लाक कमेटी के सदस्य व साध संगत ने अमित इन्सां को अंतिम विदाई दी।
अचानक तबीयत बिगड़ने से हुआ निधन
नरेश इन्सां ने बताया कि अमित रात को भोजन करने के बाद दूध पी रहे थे। इसके अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर गये, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमित पहले से ही देहदान का संकल्प ले चुके थे, इसलिए परिवार ने उनकी इच्छा के अनुसार पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया। हमारे परिवार के अन्य सदस्यों ने भी देहदान का संकल्प लिया हुआ है।
देहदान से मेडिकल शिक्षा और विज्ञान को मिलेगा बढ़ावा
सच्चे नम्र सेवादार खरैती लाल इन्सां ने बताया कि पूजनीय गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा 176 मानवता भलाई के कार्य चलाए जा रहे हैं। इन्हीं में से एक अमर सेवा मुहिम के तहत लोग अपनी स्वेच्छा से देहदान के फॉर्म भरते हैं। अमित ने भी अपनी इच्छा से पहले ही देहदान का संकल्प लिया हुआ था। दान किए गए शरीर मेडिकल विद्यार्थियों की पढ़ाई, चिकित्सकीय प्रशिक्षण और नई खोजों एवं अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समाज के सभी लोगों से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में देहदान के लिए आगे आए ताकि चिकित्सा विज्ञान की प्रगति में मदद मिल सके।
वार्ड से अब तक 4 से 5 देहदान हो चुके: पार्षद प्रवेश शर्मा
पार्षद प्रवेश शर्मा ने कहा कि आज उनके वार्ड से डेरा प्रेमी अमित का शरीरदान व नेत्रदान किये गये। डेरा सच्चा सौदा की यह पहल बेहद सराहनीय है। उनके वार्ड से अब तक 4 से 5 लोग देहदान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यों से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और अधिक लोग देहदान के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस नेक कार्य के लिए आगे आएं, ताकि समाज के साथ-साथ चिकित्सा विज्ञान को भी लाभ मिल सके।
Comments