Highway News: इन राज्यों में है आपकी जमीन तो होने वाले हैं मालामल! निकलने वाला है हाईवे

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हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Highway News: सुबह का वक्त है। आप चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए निकलते हैं। जीटी रोड पर गाड़ियों की लंबी कतार, जगह-जगह जाम और भारी ट्रैफिक से निकलते हुए आपको खीझ होती है। सफर जो चार-पांच घंटे का होना चाहिए, वह छह से सात घंटे खींच जाता है। यही कहानी हर उस यात्री की है, जो रोजाना हरियाणा और पंजाब से दिल्ली आता-जाता है। लेकिन अब यह कहानी बदलने वाली है। केंद्र सरकार ने भारतमाला परियोजना के तहत तीन नए राष्ट्रीय राजमार्गों को पहले ही मंजूरी दे दी है। यह सिर्फ हाईवे नहीं होंगे, बल्कि आने वाले वक्त में लाखों लोगों की जिंदगी और इलाके की अर्थव्यवस्था बदलने वाले रास्ते साबित होंगे।

तीन बड़े हाईवे | Highway News

पानीपत-डबवाली हाईवे, हिसार-रेवाड़ी हाईवे और अंबाला-दिल्ली हाईवे शामिल हैं। इन तीनों मार्गों के तैयार होने के बाद जीटी रोड पर पड़ने वाला ट्रैफिक का दबाव कम होगा। ट्रक, भारी वाहन और रोजाना का सफर करने वाले लोग इन नए हाईवे का इस्तेमाल करेंगे। इससे जहां सफर का समय घटेगा, वहीं सड़क हादसों की संख्या में भी कमी आने की उम्मीद है।

चंडीगढ़-दिल्ली का सफर होगा छोटा

आज अगर आप चंडीगढ़ से दिल्ली निकलते हैं, तो औसतन 5 से 6 घंटे का समय लगता है। लेकिन अंबाला से दिल्ली तक बनने वाले नए हाईवे के बाद यह सफर केवल 2.5 से 3.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। यह नया मार्ग यमुना किनारे से होकर गुजरेगा, जिससे जीटी रोड पर रोजाना पड़ने वाले दबाव में भारी कमी आएगी। इससे न केवल चंडीगढ़ और दिल्ली की दूरी कम होगी, बल्कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों तक भी तेजी से पहुंचा जा सकेगा।

“कल्पना कीजिए, एक बिजनेसमैन जो रोजाना दिल्ली आता-जाता है, उसका कितना वक्त बचेगा। छात्रों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को भी यह राहत सी लगने वाली है।”

नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, नई उम्मीदें

इसके अलावा सरकार ने पानीपत से चौटाला गांव तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने का निर्णय लिया है। यह एक्सप्रेसवे सीधे बीकानेर से मेरठ तक कनेक्टिविटी देगा। इसका मतलब है कि राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच सीधी और तेज रफ्तार कनेक्शन बनेगा। औद्योगिक क्षेत्र को इससे सबसे ज्यादा फायदा होगा। राजस्थान से आने वाला माल सीधे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर तक आसानी से पहुंच सकेगा। इस एक्सप्रेसवे पर दौड़ती गाड़ियां न सिर्फ व्यापार को नई रफ्तार देंगी, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। Highway News

छोटे कस्बों को मिलेगी बड़ी पहचान

डबवाली से पानीपत तक का फोरलेन हाईवे भी कई छोटे शहरों और कस्बों के लिए नई जान फूंकने वाला है। यह मार्ग कालांवाली, रोरी, सरदूलगढ़, रतिया, भूना, उकलाना, लितानी, उचाना और नगूरां जैसे कस्बों से होकर गुजरेगा। अभी इन कस्बों की सड़कें संकीर्ण और भीड़भरी हैं।

इन हाईवे के बनने के बाद यहां से गुजरना आसान होगा। दुकानदारों की बिक्री बढ़ेगी, पेट्रोल पंप, ढाबे और छोटे उद्योग पनपेंगे। जिन कस्बों को लोग अब तक ह्यगुजरने का रास्ताह्ण मानते थे, वे धीरे-धीरे कारोबार और व्यापार के नए केंद्र बन जाएंगे।

जमीनों की कीमतों पर असर

रियल एस्टेट विशेषज्ञ मानते हैं कि हाईवे के किनारे बसे इलाकों में जमीन की कीमतें दोगुनी-तिगुनी तक हो सकती हैं। निवेशक पहले से ही इन क्षेत्रों में जमीनें खरीदने की तैयारी में जुट गए हैं। जहां आज खेत-खलिहान हैं, कल वहीं बड़े होटल, वेयरहाउस और इंडस्ट्रियल एरिया खड़े हो सकते हैं। इससे किसानों को भी फायदा होगा। उनकी जमीनों की कीमत बढ़ेगी और उन्हें नए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

बदलते सफर की तस्वीर

सोचिए, जब ये तीनों हाईवे तैयार हो जाएंगे, तो हरियाणा और पंजाब से दिल्ली की यात्रा कैसी होगी। सुबह कोई परिवार चंडीगढ़ से निकलता है और दोपहर होते-होते दिल्ली पहुंच जाता है। न जाम, न लंबे ट्रैफिक सिग्नल पर इंतजार। गाड़ियां फरार्टा भरेंगी और सफर एक सुखद अनुभव बनेगा।

दिल्ली आने वाले पर्यटकों, व्यापारियों और छात्रों को सीधा फायदा होगा। वहीं, पंजाब और हिमाचल से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह किसी तोहफे से कम नहीं होगा।

अर्थव्यवस्था को नई दिशा | Highway News

इन नए हाईवे का असर सिर्फ सफर पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि हरियाणा और पंजाब की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी। नए ढाबे, होटल, लॉजिस्टिक्स कंपनियां और इंडस्ट्रियल हब तैयार होंगे। हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और छोटे कस्बों की तस्वीर बदल जाएगी।

एक नई शुरूआत

भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे ये हाईवे न सिर्फ सड़कों को चौड़ा करेंगे, बल्कि लोगों की सोच को भी बदलेंगे। यह उन गांवों और कस्बों को नक्शे पर लाएंगे, जिनका नाम शायद ही किसी ने सुना हो। यह केवल हाईवे की कहानी नहीं है, यह आने वाले कल की कहानी है — जब चंडीगढ़ से दिल्ली तक का सफर छोटा होगा, जब डबवाली और रतिया जैसे कस्बे चमक उठेंगे, और जब हरियाणा-पंजाब की अर्थव्यवस्था एक नई ऊंचाई छुएगी।

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