विपक्ष के राजनीतिक स्वार्थ के चलते नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू नहीं हो सका: प्रतिभा सुमन

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कांग्रेस पर लगाए बाधा डालने के आरोप

डबवाली (सच कहूँ/सुभाष)। शहर के बठिंडा रोड स्थित रेस्ट हाऊस में भारतीय जनता पार्टी की ओर से शुक्रवार को एक प्रैस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसे रोहतक से पहुंची हरियाणा महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने संबोधित किया। इस मौके भाजपा की जिला अध्यक्ष रेणू शर्मा, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष बेगो रानी, जिला महामंत्री चंद्रकला, जिला उपाध्यक्ष अर्चना, अमरजीत कौर व मार्किट कमेटी चेयरमैन सतीश जग्गा उनके साथ थे। इससे पूर्व उनके यहां पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। प्रैस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक ऐतिहासिक और साहसी कदम था, जो विपक्ष के राजनीतिक स्वार्थ के कारण पूरा न हो सका।

प्रतिभा सुमन ने कहा कि इस कानून के लागू होते ही संसद और विधान सभाओं में महिलाओं की भागीदारी 33 प्रतिशत सुनिश्चित होती। उन्होंने इसे 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण फैसला बताते हुए कहा कि यह महिलाओं को उनका अधिकार देने का संकल्प है। इस विधेयक को पहले टालने और अब इसके कार्यान्वयन में बाधा डालने का आरोप लगाया। यह कानून जमीनी स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर व्यवस्था में संवेदनशीलता लाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व उनके सहयोगी दलों ने छोटी व संकुचित मानसिकता का परिचय दिया है, जिसके चलते महिलाओं के हितों को एक बार फिर दरकिनार कर दिया है।

1998 व 2003 के बीच भी कांग्रेस और इनके सहयोगी दलों ने बिल को नाकाम कर दिया

जब 2014 में माननीय प्रधानमंत्री मोदी केंद्र में आए, तो भारतीय महिलाएं बेहद बुरी हालत में थीं। खुले में शौच करना, गैस सिलेंडर का अभाव, पानी की सप्लाई तथा घरों की कमी के चलते खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने इन सभी समस्याओंका समाधान किया है। चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने मुस्लिम महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें ट्रिपल तलाक कानून से मुक्ति दिलाई। अब वे सम्मान और बराबर की जिंदगी जी रही हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पहले 1996 में और फिर 1998 व 2003 के बीच भी एनडीए की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने इस बिल को पास करने की अलग-अलग चार बार कोशिशें की, लेकिन कांग्रेस और इनके सहयोगी दलों ने इसे नाकाम कर दिया।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह सभी महिलाओं के सम्मान का बिल है, अब महिलाएं जागरूक हैं और अपना अधिकार जानती हैं, जिसे वे लेकर रहेंगी। उन्होंने इस मौके सतिंद्र गर्ग ओढ़ां, डॉ. मोहिंद्र बांसल, संदीप सिंगला, कार्यालय प्रभारी हंसराज लखौत्तरा, नीरज जिंदल, आईटी सैल प्रभारी विनेश छाबड़ा, मनौनीत पार्षद विकास शर्मा, सुनील जिंदल, सीएम विंडो ऐमिनेंट पर्सन अश्वनी बांसल, प्रवेश घई, परमजीत सिंह जोतांवाली, पार्षद मनीष मोंगा, नवदीप सिंह नेहरू, गणेश दीवानखेड़ा, रवि सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। Dabwali News

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