रानियां के गोविंदपुरा में एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत से गांव में मातम

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स्वास्थ्य विभाग आया हरकत में, घर-घर जाकर टीम कर रही जांच

रानियां (सच कहूँ/ सुनील कुमार)। खंड के गांव गोविंदपुरा में एक ही परिवार के दो मासूम भाई-बहन की मौत से गांव में मातम छा गया है। परिवार के पिता संदीप सिंह जो ट्रक चालक हैं, का कहना है कि उनके बेटे सहजदीप (11) की मौत डेंगू से हुई, जबकि बेटी एश्विन (15) अपने भाई की गंभीर हालत देखकर सदमे से चल बसी। संदीप सिंह ने बताया कि दीपावली से चार दिन पहले दोनों बच्चों को बुखार हुआ था। उन्हें रानियां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। एक दिन के इलाज के बाद बेटी एश्विन की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे घर भेज दिया गया, लेकिन बेटे सहजदीप की हालत गंभीर बनी रही। Sirsa News

21 अक्तूबर को सहजदीप को पैरालिसिस का दौरा पड़ा, जिसके बाद उसे गांव संत नगर में इलाज के लिए ले जाया गया। बहन एश्विन जब भाई से मिलने गई और उसकी बिगड़ती हालत देखी, तो घबराकर बेहोश हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दो दिन बाद बेटे सहजदीप की भी मौत हो गई।

गमगीन पिता ने कहा मेरे दोनों बच्चे बहुत करीब थे। वे हर काम साथ करते, स्कूल साथ जाते। बेटी को भाई की हालत देखना बर्दाश्त नहीं हुआ। पहले बेटी चली गई, फिर बेटा भी। हमारी तो दुनिया ही वीरान हो गई। बता दें कि अब तक सिरसा जिले में 286 डेंगू पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं, जिनमें से 40 एक्टिव मरीज हैं, जबकि बाकी स्वस्थ हो चुके हैं। इसके अलावा 13 मलेरिया के केस भी सामने आए हैं, जो अब सभी रिकवर हो चुके हैं।

एसएमओ रानियां डॉ. ओमप्रकाश ने बताया विभागीय टीम गांव में घर-घर जाकर सैंपल ले रही है। अभी तक दोनों बच्चों की मौत का कारण डेंगू से होना पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। लोगों से अपील है कि वे सावधानी बरतें और सफाई का विशेष ध्यान रखें। Sirsa News

स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

दोनों बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। शुक्रवार को विभाग ने एक टीम गठित कर गांव से सैंपल एकत्र करने का कार्य शुरू किया। फिलहाल गांव में किसी अन्य व्यक्ति में डेंगू लारवा या पॉजिटिव केस की पुष्टि नहीं हुई है। Sirsa News

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