बाढ़ का खतरा, भारी बारिश के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ा

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पानीपत। हरियाणा में बुधवार अलस्सुबह मौसम ने करवट ली। करीब दो घंटे पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश हुई, जिसने बीते कई दिन से गर्मी में तप रहे लोगों, पशु-पक्षियों को राहत दिलाई है।

बारिश की वजह से जहां मौसम सुहाना हो गया है, वहीं किसानों के चेहरों पर मुस्कान है। पहाड़ों पर निरंतर बारिश के चलते बुधवार को हथनीकुंड बैराज से सुबह दस बजे 218423 क्यूसेक, सुबह 11 बजे 23302 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 27280 क्यूसेक, दोपहर 1 बजे 31342 क्यूसेक, दोपहर 2 बजे 39627 क्यूसेक, दोपहर 3 बजे 41054 क्यूसेक व साय 4 बजे 34426 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

इस तरह सायं चार बजे तक कुल 2,18,423 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी गुरुवार को यहां पहुंचेगा। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि 2,18,423 क्यूसेक पानी गुरुवार को पहुंचने से भी स्थिति सामान्य ही रहेगी। चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि तटवर्ती गांव के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

यमुना का जलस्तर बढ़ा

पहाड़ों पर हो रही बारिश से यमुनानगर के हथनीकुंड बैराज पर जलस्तर 4 हजार से बढ़कर 17 हजार क्यूसिक हो गया। पूर्वी नहर से यूपी को 3 हजार और पश्चिमी नहर से हरियाणा को 14 हजार क्यूसिक पानी की आपूर्ति हो रही है।

साथ ही मौसम विभाग की मानें तो 28, 29 जून को कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। 2 जुलाई तक बरसात की संभावना बन रही है। हरियाणा में मानसून सामान्यत: 29 जून से एक जुलाई के बीच आता है।

 

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