MGNREGA Workers Accident Update: संगरूर हादसे में अब तक 9 की मौत, मृतकों के परिवारों को पंजाब सरकार देगी मुआवजा
हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार
MGNREGA Workers Killed: जाखल/लहरागागा (तरसेम सिंह)। जाखल के साथ सीमावर्ती लगते पंजाब के संगरूर जिले में लहरागागा-जाखल मुख्य मार्ग पर गांव अलीशेर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में डिप्टी कमिश्नर श्रीमती पूनमदीप कौर के अनुसार 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। वहीं, हादसे के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 9 होने की भी सूचना सामने आई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च पंजाब सरकार उठाएगी।
पानी पीने के लिए बैठे मजदूरों को कार ने कुचला
प्रत्यक्षदर्शियों हरविंदर सिंह उर्फ लवी और अमृतपाल सिंह के अनुसार, हादसा दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुआ। मनरेगा मजदूर सड़क किनारे काम कर रहे थे। काम के दौरान वे पानी पीने और आराम करने के लिए बैठे ही थे कि तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस और एंबुलेंस में देरी के आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों ने पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि घटनास्थल से महज एक मिनट की दूरी पर पुलिस चौकी होने के बावजूद पुलिसकर्मी करीब एक घंटे बाद पहुंचे। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस लगभग एक घंटे की देरी से आई, जिससे घायलों को समय पर उपचार मिलने में परेशानी हुई।
चालक के फरार होने पर ग्रामीणों में रोष
चश्मदीदों का आरोप है कि मजदूरों को टक्कर मारने के बाद कार चालक करीब 15 मिनट तक मौके पर मौजूद रहा। ग्रामीणों ने दावा किया कि पुलिस के पहुंचने के बाद चालक वहां से फरार हो गया। वे आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी और उसे उनके सामने पेश करने की मांग कर रहे हैं। चालक के फरार होने की परिस्थितियों और पुलिस की भूमिका से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
डिप्टी कमिश्नर ने दिया हर संभव मदद का भरोसा
डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर ने बताया कि जिला प्रशासन हादसे के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर रहा है। घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने के साथ-साथ पीड़ितों और उनके परिवारों की हर संभव मदद के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। हादसे की सूचना मिलने के बाद पूर्व प्रधान एवं मौजूदा पार्षद बलविंदर कौर सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता और आम लोग अस्पताल पहुंचे तथा घायलों का हाल जाना।
सड़क किनारे काम कराने पर रोक लगाने की मांग
गांव अलीशेर के निवासी हरप्रीत सिंह ने कहा कि इस मार्ग पर पहले भी बड़ा हादसा हो चुका है, जिसमें उनके अनुसार छह से सात लोगों की मौत हुई थी। ग्रामीणों ने मांग की कि मनरेगा मजदूरों से सड़क किनारे काम कराने के बजाय गांव के भीतर सुरक्षित स्थानों पर काम करवाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। उन्होंने आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग भी उठाई।