RBSE Latest News: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का ऐतिहासिक निर्णय! परीक्षार्थियों पर अब नहीं लगेगा 'Fail' का ठप्पा

अब साल में 2 बार होगी बोर्ड परीक्षा, मार्कशीट में 'फैल' की जगह दिखेगा 'Essential Repeat'

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RBSE Class 10 Exam 2026-27: जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान (RBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की मंशा के अनुरूप 10वीं और प्रवेशिका बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था में क्रांतिकारी और ऐतिहासिक बदलाव किया है। बोर्ड द्वारा जारी नए आदेशों के तहत अब शैक्षणिक सत्र में 10वीं की परीक्षा दो बार आयोजित की जाएगी। पहली मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी, जबकि दूसरी 'सुधारात्मक परीक्षा' (Improvement Exam) मई माह में आयोजित की जाएगी।

बोर्ड के इस फैसले से छात्रों का एक साल खराब होने से बचेगा और परीक्षा का मानसिक तनाव भी काफी कम होगा। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब किसी भी छात्र की अंकतालिका में 'Fail' (अनुत्तीर्ण) या 'Supplementary' (पूरक) जैसा शब्द नहीं लिखा आएगा। वर्षों से चली आ रही पूरक परीक्षा की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

जानिए, नए नियमों के 5 बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव

साल में दो बार बोर्ड परीक्षा: प्रथम मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी। जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या अधिकतम 2 विषयों में न्यूनतम उत्तीर्णांक (33%) हासिल नहीं कर पाए हैं, वे मई में होने वाली सुधारात्मक परीक्षा में बैठ सकेंगे।

बेस्ट अंक ही जुड़ेंगे: सुधारात्मक परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के दोनों परीक्षाओं (मुख्य और मई) में से जिस विषय में भी अधिक अंक (Best Marks) होंगे, उसी के आधार पर अंतिम परिणाम तैयार किया जाएगा।

Fail' शब्द हटेगा, लिखा होगा 'Essential Repeat': अंकतालिका में अनुत्तीर्ण के स्थान पर 'Essential Repeat' लिखा जाएगा। यदि कोई छात्र मुख्य परीक्षा में 3 या अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है या न्यूनतम उत्तीर्णांक नहीं ला पाता है, तो उसे मई की सुधारात्मक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी और उसे अगले सत्र की परीक्षा में सभी विषयों के साथ पुनः शामिल होना होगा।

'Supplementary' की जगह 'Essential Improvement (EI)'

मुख्य परीक्षा में अधिकतम 2 विषयों में 33% से कम अंक लाने वाले परीक्षार्थियों को पूरक घोषित करने के बजाय 'Essential Improvement (EI)' के तहत मई की परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा।

कक्षा 11 में प्रोविजनल प्रवेश

मुख्य परीक्षा में अधिकतम दो विषयों में न्यूनतम अंक से कम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को कक्षा 11 में अस्थायी (Provisional) प्रवेश दिया जाएगा, जिसे मई की सुधारात्मक परीक्षा के परिणाम के बाद स्थायी कर दिया जाएगा।

पुरानी बनाम नई परीक्षा व्यवस्था

| विवरण | पुरानी व्यवस्था | नई व्यवस्था (सत्र 2026-27 से) |
| परीक्षा की आवृत्ति | वर्ष में 1 बार मुख्य परीक्षा + सप्लीमेंट्री | वर्ष में 2 बार (फरवरी मुख्य परीक्षा + मई सुधारात्मक परीक्षा) |
| पूरक (Supplementary) व्यवस्था | लागू थी | पूर्णतः समाप्त |
| परिणाम में शब्दावली | Fail / Supplementary अंकित होता था | Essential Repeat / Essential Improvement (EI) |
| अंक सुधार (Improvement) | केवल अगले साल का इंतजार करना पड़ता था | उसी सत्र के मई माह में अधिकतम 3 विषयों में सुधार का मौका |
| कक्षा 11 में प्रवेश | सप्लीमेंट्री परिणाम के बाद ही संभव था | मुख्य परीक्षा के आधार पर ही प्रोविजनल (अस्थायी) प्रवेश |
प्राथमिक अध्यापक संघ ' का पक्ष
साल में दो बार परीक्षा का अवसर मिलने से छात्रों का एक अमूल्य शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने से बचेगा, परीक्षा का मानसिक तनाव दूर होगा और वे तुरंत मई माह में ही सुधारात्मक परीक्षा देकर कक्षा 11 में समय पर नियमित पढ़ाई जारी रख सकेंगे। दोनों परीक्षाओं में से विषयवार 'Best Marks' को शामिल करने का प्रावधान विद्यार्थियों की क्षमता और प्रतिभा का सही मूल्यांकन सुनिश्चित करेगा। प्राथमिक अध्यापक संघ (ले-1) राज्य सरकार और बोर्ड प्रशासन के इस ऐतिहासिक, सकारात्मक और बाल-केंद्रित फैसले का पूर्ण हृदय से स्वागत एवं समर्थन करता है।"

— खेमराज मीणा, स्टेट चेयरमैन,प्राथमिक अध्यापक संघ (ले-1)

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