World Cotton Day 2026: हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कपास का रकबा घटने से विशेषज्ञ चिंतित, जाने कितना घटा है रकबा

किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने की दी सलाह

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World Cotton Day 2026: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। कभी उत्तर भारत में 17-18 लाख एकड़ में लहलहाने वाली कपास की फसल का रकबा अब घटकर महज 7-8 लाख एकड़ रह गया है। कपास के लगातार घटते रकबे और उत्पादन को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। हालांकि इस बार हरियाणा में कपास की फसल पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है और रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है।

विश्व कपास दिवस के अवसर पर भारत कपास निगम लिमिटेड और वस्त्र मंत्रालय की ओर से किसान भवन में आयोजित रिफॉर्म उत्सव-2026 में विशेषज्ञों ने किसानों को कपास की खेती के प्रति जागरूक करते हुए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीके अपनाने का आह्वान किया। केंद्रीय कपास अनुसंधान केंद्र सरसा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. दलीप मोंगा ने कहा कि हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कभी 17-18 लाख एकड़ में कपास का उत्पादन होता था, जो साल-दर-साल घटकर अब 7-8 लाख एकड़ रह गया है।

अकेले सरसा जिले में भी कभी 7-8 लाख एकड़ में कपास की खेती होती थी। उन्होंने कहा कि इस बार कपास की फसल अच्छी है और रिकॉर्ड उत्पादन होने के आसार हैं। सरकार भी कपास का रकबा और उत्पादन बढ़ाने के लिए किसान हित में योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने किसानों से कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार खेती करने, पानी का उचित उपयोग करने और फसल में संतुलित पोषक तत्वों का प्रयोग करने का आह्वान किया।

हरियाणा कॉटन जीनर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सुशील मित्तल ने कहा कि कपास किसानों की आजीविका के साथ देश की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार और वस्त्र उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कपास उत्पादन बढ़ाने, किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे राजीव शर्मा ने कहा कि विश्व कपास दिवस का उद्देश्य कपास के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ इससे जुड़े किसानों और श्रमिकों के योगदान को सम्मान देना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और मूल्य संवर्धन से कपास की खेती को जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।

उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से किसानों को सरकार की योजनाओं और कपास की खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम में कपास निगम के डीजीएम अभिजीत शर्मा, सहायक प्रबंधक आरके गोयल, कॉटन जीनर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान पवन गांधी, मार्केट कमेटी सचिव विरेंद्र मेहता, दीपक लाठर सहित अन्य अधिकारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।

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