महेन्द्रपाल बिट्टू के पक्ष में आया पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला

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बिट्टू की हत्या सरकार की लापरवाही, पंजाब सरकार को मुआवजा देने के आदेश

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका को किया स्वीकार

चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)। डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु महेन्द्रपाल बिट्टू की पंजाब की नाभा जेल में हुई हत्या के मामले में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और जेल विभाग दोनों को जिम्मेवार ठहराया है। हाईकोर्ट ने कहा कि बिट्टू की हत्या सरकार की हिरासत के दौरान हुई, जबकि उनकी सुरक्षा करना पंजाब सरकार का कर्तव्य था। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार अपने कर्तव्य का निर्वाह करने में असफल रही है जिस कारण बिट्टू की हत्या हुई। इस मामले में माननीय हाईकोर्ट ने महेन्द्रपाल बिट्टू के परिवार की दो करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की याचिका स्वीकार कर ली है।
महेन्द्रपाल बिट्टू के पिता राम लाल और पत्नी संतोष कुमारी सहित दोनों पुत्रों ने हत्या के मामले की जांच को लेकर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार और याचिककर्ता को सुनने के बाद याचिका को स्वीकार कर लिया। अब पंजाब सरकार की ओर से महेन्द्रपाल बिट्टू के परिवार को मुआवजा देना होगा। यह मुआवजा राशि कितनी होगी, इस संबंधी जानकारी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुकम्मल आदेश आने के बाद पता चल पाएगी।
इस मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका की पैरवी कर रहे वकील बलतेज सिद्धू और वकील केवल सिंह बराड़ ने बताया कि माननीय हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार कर पीड़ित परिवार को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि यह बिट्टू के परिवार की बड़ी जीत है और माननीय कोर्ट ने भी माना है बिट्टू की सुरक्षा में चूक हुई, जिस कारण जेल में दूसरे कैदियों ने सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी में लापरवाही का फायदा उठाकर उनकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुकम्मल आदेश आने के बाद मुआवजा राशि संबंधी जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि बिट्टू की हत्या के मामले की सीबीआई जांच करवाने की याचिका पर भी हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में भी परिवार को इंसाफ मिलेगा।

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