Body Donation: ब्लॉक लालगढ़ की जसमेल कौर इन्सां का पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान

बेटियों, पुत्रवधू, पौत्रवधू व दोहतियों ने दिया अर्थी को कंधा, नम आंखों से दी अंतिम विदाई

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Body Donation: सादुलशहर, (सच कहूँ/नरेश सेठी)। अक्सर देखा जाता है कि मृत्यु के पश्चात लोग पार्थिव शरीर को जला देते हैं क्योंकि यह परम्परा बनी हुई है कि मृत शरीर को जला देना चाहिए। उसके शरीर का कोई अंग भी नहीं रखना चाहिए। अगर आपने मृत शरीर के नेत्र दान करवा दिए तो अगले जन्म में नेतृहीन पैदा होगा, ऐसी भ्रान्तियां समाज के कुछ लोगों में फैली हुई है, लेकिन डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी इन रूढ़िवादी विचारों से दूर इन भ्रान्तियों से कोसों दूर हैं। उनका तो एक ही मकसद है और वह है अपने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के विचारों को शत प्रतिशत मानना। Sadulshahar News

इसी कड़ी में डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के अंतर्गत ब्लॉक लालगढ़ जाटान/चक महाराजका तहसील सादुलशहर जिला श्रीगंगानगर (राजस्थान) सच कैंटीन सेवादार बुधरवाली के संधूरा सिंह इन्सां की 80 वर्षीय माता जसमेल कौर धर्मपत्नी जंगीर सिंह की पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दी गई।

उनके मरणोपरांत पूज्य गुरु जी के पावन वचनों का अनुसरण करते हुए उनके परिजनों ने पार्थिव शरीर को जलाने या दफनाने की बजाए उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनका पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए आदेश मेडिकल कॉलेज व अस्पताल एनएच-44 वीपीओ मोहरी शाहाबाद (कुरुक्षेत्र) को दान कर दिया। यह शरीरदान लालगढ़ जाटान का सातवां व हकमाबाद का प्रथम शरीरदान था। इस देहदान से मेडिकल रिसर्च करने वाले बच्चे डॉक्टर बनने के लिए रिसर्च कर सकेंगे। 

इस अवसर पर सचखंडवासी को श्रद्धांजलि देने के लिए ब्लॉक सादुलशहर, लालगढ़  व चक महाराजका सहित आसपास के गाँवो से काफी संख्या में साध संगत एवं उनके सगे संबंधी व रिश्तेदार मौजूद रहे। शरीरदान के मौके पर विशेष रूप से लालगढ़, चक महाराजका, सादुलशहर ब्लॉक से राजस्थान राज्य के सच्चे नम्र सेवादार हरीश बजाज इन्सां, केवल सिडाना इन्सां, ब्लॉक प्रेमी सेवक बबलू धींगड़ा, रामजस गुरिया इन्सां, कुलदीप डबवाली, एडवोकेट तिलक चलाना इन्सां, पानी समिति सदस्य सुनील कुमार, अमरवीर सिंह, महेन्द्र हाकमाबाद सहित आस-पास के ब्लॉकों की साध-संगत व शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। Sadulshahar News

बेटियों ने दिया अर्थी को कंधा, निभाई समानता की मिसाल

अंतिम विदाई के समय डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम का अनुसरण करते हुए उनकी बेटियों, पुत्रवधूओं, पौत्रवधू, दोहतियों-बेअंत कौर, लखवीर कौर, बलजीत कौर, सरबजीत कौर, गगनदीप कौर, कर्मजीत कौर, लवप्रीत कौर, परमजीत कौर (नाती बहू) ने अर्थी को कंधा दिया।

अंतिम विदाई के समय शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सदस्यों ने सचखण्डवासी के आवास पर विदायगी से पूर्व डेरा सच्चा सौदा की मर्यादानुसार अरदास के शब्द का उच्चारण किया गया। पुष्प वर्षा कर पावन इलाही नारे के साथ सचखण्डवासी को अंतिम विदाई देते हुए एंबुलेंस को रवाना किया गया। यह ब्लॉक लालगढ़ से सातवीं जबकि हाकमाबाद की प्रथम देहदान थीं। अब तक लालगढ़, चक केरा, मम्मड़खेड़ा, अकांवाली, अक्कांवाली, चार एलएनपी व हाकमाबाद से मेडिकल रिसर्च के लिए एक-एक शरीरदान हो चुका है। Sadulshahar News

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