Hanumangarh Weather: हनुमानगढ़ में बारिश का कहर: 80 मिमी बरसात से शहर जलमग्न, स्कूलों में अवकाश

सिविल लाइंस से कलक्ट्रेट तक पानी ही पानी, कई गांवों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

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हनुमानगढ़ (हरदीप सिंह)। बुधवार देर रात्रि व गुरुवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश ने हनुमानगढ़ जिले की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। लगातार बारिश से जिला मुख्यालय के अलावा पीलीबंगा, गोलूवाला, हांसलिया, पक्का सहारणा और मक्कासर सहित कई गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई। जिला मुख्यालय पर महज कुछ घंटों में हुई करीब 80 मिमी बारिश से शहर की सड़कें, कॉलोनियां और सरकारी कार्यालयों के आसपास के क्षेत्र जलमग्न हो गए। Hanumangarh Weather

जिला कलक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर फिर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे प्रशासनिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। लगातार बारिश के बीच आसमान में काले बादलों का डेरा बना हुआ है और मौसम विभाग ने आगे भी तेज वर्षा की संभावना जताई है। सबसे अधिक परेशानी सिविल लाइंस क्षेत्र में देखने को मिली, जहां घरों और सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। नगर परिषद की टीमें पम्पसेट आदि लगाकर निचले इलाकों से जल निकासी व्यवस्था सुचारू करने में जुटी रहीं, लेकिन कई स्थानों पर पानी देर तक जमा रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी राजकीय, गैर-राजकीय विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित कर दिया। संस्था प्रधानों को विद्यालय भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को विद्यालय में उपस्थित रहने के आदेश जारी किए गए हैं। लगातार जलभराव के कारण जिला कलक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने की सड़क एक बार फिर पानी में डूब गई। सड़क पर कई फीट तक पानी भरने से आसपास की दुकानें बंद रहीं और व्यापार प्रभावित हुआ। 

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है और कई दिनों तक पानी की निकासी नहीं हो पाती। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मुख्य द्वार के पास एक बड़ा पेड़ टूटकर बिजली की तारों पर गिर गया। इसके साथ ही दो विद्युत पोल भी धराशायी हो गए, जिससे बिजली की तारें बरसाती पानी के बीच झूलने लगीं। संभावित हादसे को देखते हुए विद्युत विभाग ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर दी। पेड़ टूटने से कलक्ट्रेट परिसर की चारदीवारी का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। Hanumangarh Weather

उधर, जंक्शन के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में बरसाती पानी भरने से करीब 300 मकान जलमग्न हो गए। लोगों को घरों से पानी निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन की ओर से समय रहते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने पर पूर्व पार्षदों और कॉलोनीवासियों ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।

कलक्टर ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। नगर परिषद, विद्युत विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमें राहत एवं जल निकासी कार्य में जुटी रहीं। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने नगर परिषद प्रशासक एवं एडीएम उम्मेदीलाल मीणा के साथ जंक्शन और टाउन क्षेत्र का दौरा कर जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया तथा नगर परिषद अधिकारियों को तत्काल राहत एवं जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई निरीक्षकों, जमादारों और संबंधित कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहकर नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मानसून अवधि में आमजन को कम से कम असुविधा हो। विशेष रूप से निचले इलाकों में अतिरिक्त टीमें लगाकर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

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विधायक ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

विधायक गणेश राज बंसल ने भी विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए इसे पूरी तरह विफल बताया तथा जिला कलक्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और परशुराम चौक सहित विभिन्न स्थानों पर कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए शीघ्र जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि जंक्शन शहर में पांच वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हैं, लेकिन वे भी प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि तकनीकी अधिकारी बहानेबाजी कर रहे हैं और नगर परिषद प्रशासन शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है।

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मक्कासर में फिर डूबे निचले इलाके, कई परिवार हुए बेघर

बारिश ने मक्कासर गांव के निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें भी बढ़ा दीं। लगातार बारिश से करीब 30 से 35 घरों में पानी भर गया, जिससे इन परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष जलभराव से बचाव के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में उन दावों की पोल खुल जाती है। निचले इलाकों में फिर पानी भरने से लोगों को पुराने वादे याद आने लगे हैं और ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल भी करीब 150 घरों में बरसाती भरने से इन परिवारों को अन्य जगहों पर शरण लेनी पड़ी थी।

पीलीबंगा में पांच घंटे झमाझम बारिश

पीलीबंगा क्षेत्र में गुरुवार रात करीब 12.30 बजे से सुबह 5 बजे तक लगातार बारिश हुई। इस मानसून की पहली अच्छी बरसात से लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित रहा। इसके बावजूद बारिश से किसानों और आमजन के चेहरों पर खुशी दिखाई दी।

गोलूवाला में जलभराव पर फूटा लोगों का गुस्सा

भारी बारिश के बाद गोलूवाला कस्बे में हालात बिगड़ गए। जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमराने से कई मोहल्लों में पानी भर गया। इससे नाराज नागरिकों ने नगर पालिका ईओ कृष्णा कुमारी पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाते हुए नगर पालिका के खिलाफ धरना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि जल निकासी के नाम पर लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद हर बारिश में कस्बा जलमग्न हो जाता है और आमजन को भारी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

24 घंटे में 426 मिमी बारिश, गोलूवाला सबसे आगे

बीते 24 घंटों के दौरान जिले के विभिन्न वर्षामापी केन्द्रों पर कुल 426 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक 95 मिमी बारिश गोलूवाला में रिकॉर्ड की गई, जबकि डबलीराठान में 82 मिमी और हनुमानगढ़ मुख्यालय पर 80 मिमी वर्षा दर्ज हुई। इसके अलावा संगरिया में 64 एमएम, पीलीबंगा में 50 एमएम, ढाबां में 18 एमएम, छानीबड़ी में 10 एमएम, डूंगराना में 8 एमएम, रामगढ़ में 8 एमएम, नौरंगदेसर में 3 एमएम, पल्लू में 3 एमएम, फेफाना में 3 एमएम, टिब्बी में 2 एमएम, तलवाड़ा झील में 2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। Hanumangarh Weather

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