Bhilwara Rain: 35 साल बाद फूटा आस पहाड़ का झरना, किसानों के चेहरे खिले

भीलवाड़ा में मानसून की दमदार वापसी

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Rajasthan Weather Update: भीलवाड़ा (सच कहूँ/एजेंसी)। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में लगभग 18 दिनों के अंतराल के बाद मानसून ने जोरदार दस्तक देकर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। मूसलाधार वर्षा से जहां कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं लंबे समय बाद आस पहाड़ का प्राकृतिक झरना पूरे वेग के साथ बहने लगा। इस दुर्लभ दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आसपास के क्षेत्रों से पहुंचने लगे। तेज बारिश के चलते बदनोर और आसींद क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई। कई नदियां और बरसाती नाले उफान पर आ गए, जिससे कुछ पुलों पर आवागमन रोकना पड़ा। बाजारों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई सड़कों को भी नुकसान पहुंचा। Bhilwara Rain

स्थानीय लोगों का कहना है कि आस पहाड़ का झरना इस तरह प्रचंड रूप में कई दशक बाद दिखाई दिया है। पहाड़ी से गिरती जलधारा ने पूरे क्षेत्र को आकर्षक प्राकृतिक स्थल का रूप दे दिया है। झरने की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दे रही है और इसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं। झरने की जानकारी मिलते ही भीलवाड़ा, शाहपुरा, बदनोर, आसींद और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग वहां पहुंचने लगे। लोगों ने प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया और यादगार तस्वीरें व वीडियो भी बनाए।

दूसरी ओर, लगातार हुई वर्षा के कारण नेखाड़ी नदी का जलस्तर बढ़ गया। कुछ पुल पानी में डूब गए, जिससे प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर यातायात रोकना पड़ा। लोगों से अपील की गई है कि जलभराव वाले क्षेत्रों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें तथा प्रशासन की सलाह का पालन करें। बारिश ने आसींद कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की भी परीक्षा ले ली। मुख्य बाजार सहित कई इलाकों में पानी भर जाने से दुकानों और मकानों में पानी प्रवेश कर गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। स्थानीय नागरिकों ने निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने की मांग की है। Bhilwara Rain

इसी दौरान आसींद-बोजुंदा मार्ग पर एक निजी विद्यालय की बस सड़क पर बने गहरे गड्ढे में फंस गई। बस में सवार विद्यार्थियों को ग्रामीणों ने तत्काल सहायता पहुंचाते हुए सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। लगातार सूखे जैसे हालात से चिंतित किसानों के लिए यह वर्षा राहत लेकर आई है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से सोयाबीन, मक्का, उड़द सहित खरीफ की अन्य फसलों को नया जीवन मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी हल्की वर्षा जारी रहती है तो फसलों की स्थिति और बेहतर हो सकती है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान जिले के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की अपील की है। Bhilwara Rain

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