Tarang Shakti 2026: पहली बार भारत में युद्धाभ्यास करेगा अमेरिकी F-35! जोधपुर में जुटेंगे 40 से ज्यादा देश, राफेल और F-16 भी दिखाएंगे ताकत

Tarang Shakti 2026: पहली बार भारत में युद्धाभ्यास करेगा अमेरिकी F-35! जोधपुर में जुटेंगे 40 से ज्यादा देश, राफेल और F-16 भी दिखाएंगे ताकत

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जोधपुर। अमेरिका का अत्याधुनिक F-35 स्टील्थ फाइटर जेट पहली बार भारत में किसी सैन्य युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने जा रहा है। मौका होगा भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ का। राजस्थान के जोधपुर में आयोजित होने वाले इस मेगा एयर एक्सरसाइज में भारत समेत 40 से ज्यादा देशों की भागीदारी होगी। अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।

F-35 की भारत में यह पहली सैन्य अभ्यास भागीदारी होगी। हालांकि, यह विमान इससे पहले 2023 और 2025 में बेंगलुरु के एयरो इंडिया शो में भारत आ चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, इस बार F-35 भारतीय वायुसेना के साथ बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास में शामिल होगा।

जोधपुर में दिखेगी दुनिया की ताकत

‘तरंग शक्ति’ के दूसरे संस्करण में 40 से ज्यादा देश किसी न किसी रूप में शामिल होंगे। इनमें कुछ देश अपने लड़ाकू और सपोर्ट विमान लेकर सीधे अभ्यास में हिस्सा लेंगे, जबकि 30 से ज्यादा देश ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल होंगे। अमेरिका के अलावा फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और श्रीलंका समेत कई देशों की वायु सेनाएं इसमें हिस्सा लेंगी।

F-35 के साथ राफेल और F-16 भी होंगे शामिल

इस अभ्यास में अमेरिका के F-35 के अलावा फ्रांस के राफेल और संयुक्त अरब अमीरात के F-16 जैसे लड़ाकू विमान भी हिस्सा लेंगे। वहीं भारतीय वायुसेना अपने प्रमुख लड़ाकू विमानों को अभ्यास में उतारेगी। इनमें सुखोई-30, राफेल, मिराज-2000 और तेजस जैसे विमान शामिल होने की जानकारी सामने आई है। सपोर्ट प्लेटफॉर्म, परिवहन विमान और एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम भी अभ्यास का हिस्सा होंगे।

क्या है ‘तरंग शक्ति’ का मकसद?

‘तरंग शक्ति’ का उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल, इंटरऑपरेबिलिटी और संयुक्त हवाई अभियानों की क्षमता को बेहतर करना है। इस दौरान अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमान एक साथ अभ्यास करेंगे और विभिन्न परिस्थितियों में सामरिक संचालन का अनुभव साझा करेंगे।

यह ‘तरंग शक्ति’ का दूसरा संस्करण है। इसका पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था। इस बार जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर होने वाला अभ्यास बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।

F-35 की एंट्री क्यों खास?

F-35 दुनिया के प्रमुख पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों में शामिल है। इसका पहली बार भारत में किसी सैन्य अभ्यास में शामिल होना दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच परिचालन संपर्क और तकनीकी अनुभव साझा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

जोधपुर में भारतीय राफेल, सुखोई और तेजस के साथ विदेशी F-35, राफेल और F-16 जैसे विमानों की मौजूदगी अभ्यास को खास बनाएगी। हालांकि, अलग-अलग देशों द्वारा तैनात किए जाने वाले विमानों की अंतिम संख्या और संरचना में बदलाव संभव है।

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