शिक्षा और रोजगार
Indo-Japan Global Course: भारतीय विद्यार्थियों को जापान में मिलेंगे शिक्षा और रोजगार के अवसर
जापान के ओसाका कॉलेज ऑफ टूरिज्म एंड बिजनेस और बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के बीच एमओयू हस्ताक्षरित
Indo-Japan Global Course: जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में आयोजित चार दिवसीय 21वीं इंडो-जापान इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ‘बायकॉन-2026’ के तीसरे दिन कॉमर्स, मैनेजमेंट एवं आईटी विभाग द्वारा “बिल्डिंग द एआई-पावर्ड इकोनॉमी: इनोवेशन, स्ट्रेटेजी एंड गवर्नेंस” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने ग्लोबल एआई एडॉप्शन, डिजिटल इंक्लूजन, प्रेडिक्टिव मॉडलिंग, बिजनेस ऑप्टिमाइजेशन और डेटा प्राइवेसी जैसे विषयों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं कृष्ण वंदना के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों, वक्ताओं एवं जापानी प्रतिनिधियो का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
इसी क्रम में महत्वपूर्ण पहल के रूप में ओसाका कॉलेज ऑफ टूरिज्म एंड बिजनेस (ओसीटीबी) के मिस्टर क्यौ और मिस्टर नवीन तथा बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी एवं रिसर्च एंड डेवलपमेंट डायरेक्टर डॉ. मनीष बियानी मौजूद रहे। यह एमओयू भारत-जापान के बीच शैक्षणिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को नई दिशा देने की पहल है।
वहीं कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयर एवं डायरेक्टर (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) प्रो. डॉ. मनीष बियानी ने बताया कि इस साझेदारी के तहत ओसीटीबी–बियानी टी2सी (ट्रेनिंग टू करियर) जॉइंट एजुकेशन एंड जॉब प्रोग्राम की रूपरेखा तैयार की गई है। तीन वर्षीय इस कार्यक्रम में पहले वर्ष विद्यार्थियों को बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेज में जापानी भाषा और संबंधित कोर्स की ट्रेनिंग दी जाएगी, साथ ही जापान जाने की तैयारी कराई जाएगी।
जबकि दूसरे और तीसरे वर्ष में जापान के ओसाका में विद्यार्थियों को जापानी भाषा की पूरी ट्रेनिंग, प्रोफेशनल एजुकेशन और जॉब के लिए तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें अच्छी सैलरी और 100 प्रतिशत प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को जापान में पढ़ाई के साथ टूरिज्म, होटल, रेस्टोरेंट, रिटेल और कस्टमर सर्विस जैसे क्षेत्रों में पार्ट-टाइम जॉब के अवसर मिलेंगे, जिससे वे अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकेंगे और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
“स्टार्ट इन इंडिया, स्टडी इन जापान, बिल्ड अ ग्लोबल करियर” की सोच के साथ यह तीन वर्षीय कार्यक्रम बियानी से ओसाका तक विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई, ट्रेनिंग और जॉब का नया रास्ता तैयार करेगा।
ओसाका कन्वेंशन एंड टूरिज्म ब्यूरो से मिस्टर क्यौ और मिस्टर नवीन ने विद्यार्थियों को ओसाका कॉलेज का परिचय देते हुए जापान की संस्कृति एवं व्यवस्था से रूबरू कराया। उन्होंने ओसाका में शिक्षा एवं करियर से जुड़े अवसरों की जानकारी भी दी।
वहीं विशेष अतिथि एपेक्स हॉस्पिटल्स के डायेक्टर डॉ. शीनू झंवर ने कहा कि एडवांस्ड मशीन लर्निंग और एआई के बढ़ते उपयोग से हम डिजिटल इकोनॉमी से इंटेलिजेंट इकोनॉमी की ओर बढ़ रहे हैं, इसलिए एआई और डिजिटल तकनीक का सीमित, संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग जरूरी है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश स्थित वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी के ग्रुप वाइस चांसलर प्रो. कृष्ण कांत देव ने ऑनलाइन माध्यम से अपना संबोधन दिया। साथ ही, उन्होंने भारत और जापान के सभ्यतागत एवं तकनीकी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “तकनीक और सभ्यता के संगम से ही भविष्य का निर्माण होगा।”
कार्यक्रम में ‘गुलाबी 2026’ के जापानी प्रतिभागियों ने अपने भारत यात्रा एवं एक्सचेंज कार्यक्रम के अनुभव साझा किए। उन्होंने भारतीय संस्कृति, शिक्षा और विद्यार्थियों के साथ हुए संवाद को अपने अनुभवों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
टेक्निकल सेशन में गुजरात स्थित जीआईएफटी सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ वोलोंगोंग के कैंपस डायरेक्टर निमय कल्याणी, मुंबई स्थित के. जे. सोमैया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की असिस्टेंट प्रो. वैशाली जयेश पडके, मणिपाल यूनिवर्सिटी की प्रो. डॉ. प्रतिष्ठा माथुर, अजमेर के सोफिया कॉलेज की प्रो. डॉ. रितु भार्गव तथा नई दिल्ली स्थित स्ट्रैटेजिक रिसर्च एंड ग्रोथ फाउंडेशन की चेयरपर्सन उमा सुधींद्र ने एआई-पावर्ड इकोनॉमी, इनोवेशन, स्ट्रेटेजी एवं गवर्नेंस से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
इसके बाद एचआर कॉन्क्लेव एवं पैनल डिस्कशन आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट हेड डॉ. स्मृति तिवारी ने की। पैनल में स्ट्रेटेजिक रिसर्च एंड ग्रोथ फाउंडेशन, दिल्ली की चेयरपर्सन उमा सुधींद्र, मेटाक्यूब की कैंपस रिक्रूटमेंट टीम से बॉबी, टाटा कैपिटल के नेशनल हेड अंकुर सेठ, स्टार्क प्रोफेशनल के फाउंडर अंकित पितलिया तथा बैंक ऑफ बड़ौदा की सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या पंवार शामिल रहीं।
इसके बाद यंग ओरल प्रेजेंटेशन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। सत्र की अध्यक्षता डॉ. पवन पटोदिया एवं राहुल अग्रवाल ने की। कार्यक्रम के अंत में ओरल प्रेजेंटेशन अवार्ड सेरेमनी, मेमेंटो वितरण एवं समापन समारोह आयोजित हुआ। सत्र के अंत में संस्था के निदेशक डॉ. संजय बियानी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।