वन विभाग ने वसूला पन्द्रह हज़ार रुपये का जुर्माना

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जुर्माने के नाम पर मात्र खानापूर्ति

bulandshahr/स्याना : पर्यावरण दिवस के दिन जहां प्रशासनिक अधिकारी वृक्षारोपण करने का व शपथ दिलाने का काम कर रहे थे तो वही बन माफिया हरे वृक्ष काटने में लगे थे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग ने मात्र कुछ ही रुपए का जुर्माना वसूलने का कार्य किया है। ऊंचागांव विकास खण्ड क्षेत्र के गांव दुलखरा में विश्व पर्यावरण के अवसर पर लकड़ी माफियाओं द्वारा लगभग दर्जन भर आम और शीशम के पेड़ों को बिना वन विभाग की अनुमति के काट दिया।जिसकी शिकायत किसी ग्रामीण ने वन विभाग को दी।

सूचना मिलने पर जब तक पहुंची वन विभाग की टीम तब तक लकड़ी माफिया कटी प्रतिबंधित लकड़ी को भरकर निकल गए।वन विभाग की टीम ने जांच पड़ताल कर लकड़ी ठेकेदार से पन्द्रह हज़ार रुपये का जुर्माना वसूला।क्षेत्र में लगातार हरे प्रतिबंधित पेडों को बेखौफ होकर काट रहे हैं।

सोमवार को एक तरफ वन विभाग विश्व पर्यावरण दिवस मनाने में लगे तो दूसरी ओर लकड़ी माफिया मिलीभगत से पर्यावरण को उजाड़ने में लगे थे। आखिर कौन है पर्यावरण को उजड़वाने का जिम्मेदार वन विभाग भी पर्यावरण को बचाने के लिए सक्रिय नहीं हैं। वन विभाग के दरोगा प्रमोद कुमार भारती का कहना है कि दुलखरा में लकड़ी कटान की सूचना मिली थी तो हमने मौके पर जाकर लकड़ी ठेकेदार पर पन्द्रह हज़ार रुपये का जुर्माना वसूला गया है।??

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