सुप्रीम कोर्ट पहुंचा एमपी का सियासी मामला

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MP Political Drama | बहुमत परीक्षण पर भाजपा ने दी याचिका

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश में पिछले बारह तेरह दिनों से चल रहे सियासी घटनाक्रमों के बीच आज प्रारंभ हुए विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन हंगामा हुआ और इसके चलते कार्यवाही पहली बार लगभग पांच मिनट और फिर 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई। बजट सत्र की शुरूआत राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण से हुयी। अभिभाषण पढ़ने की औपचारिकता के बाद राज्यपाल ने सदन में सभी से अनुरोध किया कि मौजूदा हालातों के मद्देनजर सभी अपने अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इसके बाद राज्यपाल परंपरा के अनुरूप सदन से विदा हो गए। वहीं मध्य प्रदेश में बहुमत परीक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शिवराज सिंह चौहान की तरफ से सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की गई है।

जानें, क्या हुआ आज संसद में

  • राज्यपाल को विदा करने के बाद अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने कार्यवाही प्रारंभ की।
  • राज्यपाल द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखे गए पत्र को पढ़ के सुनाया।
  • दूसरी ओर अध्यक्ष सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाते रहे।
  • इस बीच सत्तापक्ष कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के सदस्य एक साथ कुछ कुछ बोलते रहे।
  • इस वजह से कुछ साफ तौर पर सुनायी नहीं दिया।
  • भाजपा के वरिष्ठ विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश संवैधानिक संकट की ओर जा रहा है।
  • इसका प्रतिकार कांग्रेस सदस्यों ने एक साथ बोलते हुए किया।
  • सदन में शोरगुल होने पर अध्यक्ष ने कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी।

विधानसभा में हंगामा, कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित

लगभग पांच मिनट बाद कार्यवाही फिर शुरू होने पर अध्यक्ष ने कुछ बोलना प्रारंभ किया। वहीं भाजपा सदस्य भी एक साथ बोलने लगे। नेता प्रतिपक्ष श्री भार्गव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य भाजपा विधायक मौजूदा राजनीतिक स्थितियों पर ही बोल रहे थे। उधर, सत्तारूढ दल के सदस्य भी एक साथ बोलने लगे। शोरगुल के बीच अध्यक्ष श्री प्रजापति ने देश में कोरोना के प्रकोप का जिक्र किया और इसके साथ ही सदन की कार्यवाही 26 मार्च को सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गयी।

 

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