रात में बार-बार खुल जाती है नींद? वजह सिर्फ तनाव नहीं, इन समस्याओं का भी हो सकता है संकेत

रात में बार-बार खुलती है नींद? इन वजहों को न करें नजरअंदाज, जानें अच्छी नींद का तरीका

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 Sleep Problems:रात में अचानक नींद खुल जाना एक आम बात है। कई लोगों की नींद रात के दौरान एक-दो बार खुलती है और वे कुछ देर बाद दोबारा सो जाते हैं। लेकिन अगर बार-बार नींद खुलती है, उठने के बाद दोबारा नींद नहीं आती या सुबह उठने पर थकान और चिड़चिड़ापन महसूस होता है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

लगातार नींद का टूटना आपकी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है और कई बार यह अनिद्रा (Insomnia) या स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) जैसी नींद से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। हालांकि हर बार रात में नींद खुलने का मतलब किसी बीमारी से नहीं होता। तनाव, चिंता, सोने की खराब आदतें, असहज बिस्तर और आसपास का माहौल भी इसकी वजह हो सकता है।

ऐसे में अपनी रोजमर्रा की आदतों में कुछ बदलाव करके नींद को बेहतर बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं रात में बार-बार नींद खुलने की संभावित वजहें और अच्छी नींद पाने के आसान तरीके।

रात में बार-बार नींद खुलने की वजह क्या है?  Sleep Problems

रात में नींद टूटने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे आम वजह तनाव और चिंता है। अगर व्यक्ति दिनभर किसी बात को लेकर परेशान या तनाव में रहता है तो उसका दिमाग रात में भी सक्रिय रह सकता है। ऐसे में नींद आने के बाद भी बार-बार आंख खुल सकती है। इसके अलावा सोने की जगह आरामदायक न होना, गलत तकिया या गद्दा, कमरे में ज्यादा रोशनी या शोर और सोने से पहले मोबाइल का अधिक इस्तेमाल भी नींद को प्रभावित कर सकता है। कुछ मामलों में बार-बार नींद खुलना अनिद्रा या स्लीप एपनिया जैसी नींद संबंधी समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है।

क्या है अनिद्रा?

अनिद्रा यानी Insomnia में व्यक्ति को पर्याप्त समय मिलने के बावजूद सोने या नींद बनाए रखने में परेशानी होती है। इसके कारण रात में बार-बार नींद खुलना, नींद खुलने के बाद लंबे समय तक दोबारा नींद न आना, सुबह बहुत जल्दी आंख खुल जाना या रातभर ठीक से नींद न आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लगातार अच्छी नींद न मिलने से दिन के समय थकान, कमजोरी, ध्यान लगाने में परेशानी और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है।

स्लीप एपनिया में भी टूट सकती है नींद

स्लीप एपनिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार रुक सकती है या सांस लेने में रुकावट आ सकती है। इसके कारण तेज खर्राटे, नींद में घुटन या हांफने जैसी समस्या हो सकती है। कई बार व्यक्ति को खुद पता नहीं चलता कि रात में उसकी सांस रुक रही है। परिवार के सदस्य या साथ सोने वाला व्यक्ति इन लक्षणों को सबसे पहले नोटिस कर सकता है। अगर किसी व्यक्ति को लगातार तेज खर्राटे आते हैं, नींद में सांस रुकने की शिकायत होती है या वह रात में घबराकर बार-बार उठता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

अच्छी और गहरी नींद के लिए अपनाएं ये आदतें

रात में बेहतर नींद के लिए सबसे जरूरी है कि दिनचर्या को व्यवस्थित रखा जाए। दिन के समय नियमित शारीरिक गतिविधि और एक्टिव लाइफस्टाइल नींद की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद कर सकती है। सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल कम करें। इनका इस्तेमाल करने के बजाय किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या कोई शांत गतिविधि करना बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके अलावा रोजाना लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें। रात में बहुत ज्यादा कैफीन या भारी भोजन लेने से भी बचना बेहतर है।

बिस्तर और तकिया भी है महत्वपूर्ण

कई बार नींद खराब होने की वजह आपका बिस्तर भी हो सकता है। बहुत ज्यादा सख्त या बेहद नरम गद्दा और असहज तकिया शरीर को आराम देने के बजाय परेशानी पैदा कर सकता है।

इसलिए ऐसा गद्दा और तकिया चुनें जिस पर लेटने के बाद शरीर को आराम मिले। कमरे में ज्यादा रोशनी और शोर न हो तथा सोने का वातावरण शांत और आरामदायक रखने की कोशिश करें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर रात में नींद खुलने की समस्या लगातार बनी रहती है, दोबारा नींद आने में काफी परेशानी होती है या दिन में अत्यधिक थकान रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। खासतौर पर तेज खर्राटे, नींद में सांस रुकना, घुटन के साथ उठना या दिनभर अत्यधिक नींद आना जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

याद रखें, कभी-कभार रात में नींद खुलना सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार समस्या रहने पर इसके कारण की पहचान करना जरूरी है।

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