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Tuesday, March 10, 2026
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    गिनी में सैन्य तख्तापलट

    Guinea Military Coup

    राष्ट्रपति भवन के पास गोलीबारी के बाद सरकार भंग

    कॉनाक्री (एजेंसी)। अफ्रीकी देश गिनी में सेना के विद्रोही गुट ने सरकार को अपदस्थ कर तख्तापलट की कोशिश की। गिनी की सेना के एक विद्रोही कर्नल ने सरकारी टेलीविजन पर घोषणा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति भवन के पास भारी गोलाबारी के कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति अल्फा कोंडे की सरकार भंग कर दी गई है। साथ ही देश की जमीनी सीमाओं को भी सील कर दिया गया है। गिनी के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि विद्रोही बलों द्वारा राष्ट्रपति भवन पर हमले को नाकाम कर दिया गया है। रविवार की सुबह राजधानी कॉनाक्री में राष्ट्रपति भवन के पास भारी गोलीबारी हुई थी।

    दावा किया गया था कि इस हमले के पीछे एक पूर्व फ्रांसीसी सेनापति मामाडी डौंबौया के नेतृत्व में गिनी की सेना के एलीट कमांडो शामिल थे। गिनी के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे और आठ अन्य सशस्त्र सैनिकों से घिरे एक अज्ञात सैनिक ने प्रसारण में कहा कि उन्होंने एक कार्यवाहक सरकार बनाने की योजना बनाई है। हालांकि, विद्रोही गुट ने इस सरकार के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बाद में इससे संबंधित ब्यौरा सार्वजनिक किया जाएगा।

    गिनी के राष्ट्रपति कोंडे फिलहाल कहां हैं, इस बारे में तुरंत पता नहीं चल सका है। विद्रोही कर्नल ममादी डौम्बौया ने 83 वर्षीय राष्ट्रपति का कोई उल्लेख नहीं किया। कर्नल ममादी ने कहा कि हम अब राजनीति एक आदमी को नहीं सौंपेंगे, हम इसे लोगों को सौंपेंगे। संविधान भी भंग किया गया और जमीनी सीमाएं बंद की गई हैं। कोंडे के तीसरे कार्यकाल को लेकर पिछले कुछ समय से आलोचना की जा रही है। वहीं, कोंडे का कहना है कि उनके मामले में संवैधानिक अवधि की सीमाएं लागू नहीं होतीं। अंतत: उन्हें फिर से चुन लिया गया, लेकिन इस कदम ने सड़क पर हिंसक प्रदर्शन भड़का दिये थे। विपक्ष ने कहा कि इन प्रदर्शनों में सैकड़ों लोग मारे गए।

    कोंडे वर्ष 2010 में सबसे पहले राष्ट्रपति चुने गए थे, जो 1958 में फ्रांस से आजादी मिलने के बाद देश में पहले लोकतांत्रिक चुनाव थे। कई लोगों ने उनके राष्ट्रपति बनने को देश के लिए एक नई शुरूआत के तौर पर देखा था। लेकिन उनके शासन पर भ्रष्टाचार, निरंकुशता के आरोप लगाये गए। विरोधियों का कहना है कि वह गिनी के लोगों के जीवन में सुधार लाने में विफल रहे हैं, जिनमें से अधिकांश देश की विशाल खनिज संपदा के बावजूद गरीबी में रहते हैं। इस बीच अफ्रीकी संघ (एयू) के अध्यक्ष फेलिक्स त्सेसीकेदी और अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष मौसा फाकी महामत ने रविवार को गिनी में तख्तापलट की निंदा की और विद्रोहियों से राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को रिहा करने की अपील की है।

    गिनी के राष्ट्रपति को रिहा किया जाए : संयुक्त राष्ट्र

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गिनी में विरोधी समूह की कार्रवाई की निंदा की है तथा राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को रिहा करने की मांग की है। गुटेरेस ने ट्वीट कर कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से गिनी की स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहा हूँ। मैं बंदूक के बल पर सरकार के किसी भी अधिग्रहण की कड़ी निंदा करता हूँ और राष्ट्रपति अल्फा कोंडे की तत्काल रिहाई की अपील करता हूँ।’ इससे पहले गिनी न्यूज वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि विद्रोहियों ने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को हिरासत में लिया है। इस बीच विरोधी समूह के नेता मैमडी डौंबौया ने सरकार को भंग करने के साथ-साथ संविधान को निरस्त करने और सीमा को बंद करने की घोषणा की।

     

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