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Sunday, March 1, 2026
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    Home फीचर्स साहित्य अब तो परमानें...

    अब तो परमानेंट आ जाओ सरसा दरबार…

    MSG

    हे मेरे सतगुर दातार
    ये दुनिया हो रही है नशों-बुराइयों से खज्जल-ख्वार,
    इस दुनिया पर करने रहमत अपार
    अब तो परमानेंट आ जाओ सरसा दरबार

    मेरे सच्चे सतगुरु दातार
    बहुत हो गया इंतजार
    कितने ही मुरीद हैं तुझसे मिलने को बेकरार
    सुन लो तड़पते दिलों की पुकार
    अब तो परमानेंट आ जाओ सरसा दरबार

    मिट रहा है दिलों से प्यार
    हो रही है परिवारों में तकरार
    तेरे दर से बदर न हो संसार
    मेरे सच्चे सतगुरु दातार
    अब तो परमानेंट आ जाओ सरसा दरबार

    मनमोहन इन्सां

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