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    Grain ATMs: एटीएम से अब नोट नहीं निकलेगा गेंहू! बीकानेर, भरतपुर व जयपुर में लगेंगे ग्रेन एटीएम

    Rajasthan News
    Grain ATMs: एटीएम से अब नोट नहीं निकलेगा गेंहू! बीकानेर, भरतपुर व जयपुर में लगेंगे ग्रेन एटीएम

    जयपुर (सच कहूं/गुरजंट सिंह धालीवाल)। आपने अब तक एटीएम से नोट निकलते तो देखे होंगे, मगर आपको यह पता चले कि एटीएम से गेंहू निकल रहा है, तो हैरानी होगी, मगर यह बात सच है। आने वाले दिनों में राजस्थान सरकार का खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग जल्द ही प्रदेश में ऐसे एटीएम स्थापित करने की योजना बना रहा है, जिनमें नोटों की बजाय गेंहू निकलेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बीकानेर, भरतपुर व जयपुर में ग्रेन-एटीएम स्थापित करने के लिए भूमि की तलाश कर रहा है। इसके लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने इन जिलों के कलेक्टर्स को पत्र लिखा है। इसमें ऐसे क्षेत्र चिन्हित करने के लिए कहा गया है, जहां खाद्य सुरक्षा के लाभार्थियों की संख्या अधिक है। Rajasthan News

    भूमि का चयन करने के उपरांत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तीनों जिला मुख्यालयों पर एक-एक ग्रेन एटीएम स्थापित किए जाएंगे। कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) द्धारा स्टेंडएलोन अन्न आपूर्ति (ग्रेन-एटीएम) मशीन राजस्थान को नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके तहत बीकानेर, जयपुर व भरतपुर जिला मुख्यालय पर एक-एक ग्रेन एटीएम स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए जिला कलेक्टर्स को ऐसा स्थान चिन्हित करने के लिए कहा गया है, जहां खाद्य सुरक्षा के पात्र लाभार्थियों की घनी आबादी हो ताकि अधिकाधिक परिवारों द्धारा लाभ उठाया जा सके। इसके लिए 15×30 फीट का स्थान वांछित है। गोदारा ने बताया की इन एटीएम से खाद्य सुरक्षा लाभार्थी अपने राशन कार्ड का उपयोग करते हुए उचित मूल्य दुकानों पर जाए बिना स्वत: ही राशन प्राप्त कर सकेंगे।

    54 लाख 36 हजार 797 ने स्वेच्छा से छोड़ी खाद्य सुरक्षा | Rajasthan News

    सुमित गोदारा ने गिव अप अभियान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि 1 नवम्बर 2024 को शुरू हुए इस अभियान के तहत प्रदेशभर में अब तक 54 लाख 36797 लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवाया है। अभियान के अंतर्गत करीब 27 लाख एनएफएसए लाभार्थियों द्वारा ई केवाईसी नहीं करवाए जाने से 81 लाख वंचित पात्रों हेतु खाद्य सुरक्षा सूची में रिक्तियां बनी। यह संख्या प्रदेश में वर्तमान खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों का 18.6 प्रतिशत है।

    72 लाख 78 हजार 723 के नाम जोड़े

    गोदारा ने बताया कि है। प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीलिंग थी। 26 जनवरी-2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुन: प्रारंभ किए जाने के बाद अब तक लगभग 72 लाख 78 हजार 723 वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है। जयपुर जिले में सबसे अधिक 3.17 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है। क्रमशः 3.07 एवं 3.04 लाख पात्र लाभार्थियों को एनएफएसए से जोड़कर बाड़मेर व सीकर दूसरे तथा तीसरे स्थान पर रहे।

    गोदारा ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 4.35 करोड़ लाभार्थी खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल है। इस प्रकार लगभग 11 लाख रिक्तियां एनएफएसए में आज भी मौजूद है जिनको भरने के लिए लगातार आवेदन लिए जा रहे हैं। वर्तमान में खाद्य सुरक्षा में सूची में शामिल किए जाने हेतु प्राप्त आवेदनों में केवल 90 हजार लंबित है। Rajasthan News