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    रेल यात्रा के लिए डिजिटल आधार व ड्राइविंग लाइसेंस अब हुए वैध

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    रेल यात्रा के लिए डिजिटल आधार व ड्राइविंग लाइसेंस अब हुए वैध

    श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।

    भारतीय रेलवे पर आरक्षित श्रेणी में यात्रा के दौरान यात्रा को निश्चित दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज अपने साथ रखना अनिवार्य होता है। इसी कड़ी में रेलवे बोर्ड ने यात्रियों के डिजीटल लॉकर खाते में ‘जारी परिपत्र खण्ड से आधार या ड्राइविंग लाइसेंस दिखाए जाने को भी अनुमति दे दी है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी तरूण जैन के अनुसार वर्तमान में रेलवे के आरक्षित श्रेणी में यात्रा दौरान एक टिकट पर यात्रा/यात्रियों के समूह में से किसी एक यात्रा को अपना वैध पहचान पत्रा मूल रूप से दिखाना होता है।

    भारतीय रेलव का डिजीटल क्रांति को समर्थन

    पहचान के वैध प्रमाण के रूप में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट, आयकर विभाग द्वारा जारी पैन कार्ड, सड़क परिवहन कार्यालय द्वारा जारी ड्राइविंग लाइसेंस, केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा क्रम संख्या युक्त जारी फोटो पहचान पत्र, मान्यता प्राप्त विद्यालय/महाविद्यालय द्वारा अपने विद्यार्थियों को जारी फोटोयुक्त विद्यार्थी पहचान पत्र, राष्ट्रीयकृत बैंकों के फोटोयुक्त पासबुक, बैंकों द्वारा जारी लेमिनेटेड फोटोयुक्त क्रेडिट कार्ड, युनिक आईडेंटीफिकेशन कार्ड-आधार, एम-आधार व ई-आधार तथा केन्द्र/राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, जिला प्रशासन, नगरपालिका निकाय तथा पंचायत प्रशासन द्वारा जारी क्रम संख्या युक्त फोटो पहचान पत्र शामिल है।

    इसके अतिरिक्त शयनयान तथा आरक्षित द्वितीय श्रेणी में यात्रा करने के लिए कम्प्यूटरीकृत यात्रा आरक्षण काउंटर पर टिकट बुक करावाने पर यात्रा दौरान फोटो युक्त राशन कार्ड तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों के फोटो युक्त पासबुक की प्रमाणित छायाप्रति भी स्वीकार की जाती है। अन्य दस्तावेजों के साथ-साथ अब डिजी लॉकर अकाउंट के ‘इश्यूड डॉक्यूमेंट’ खण्ड में जाकर कोई भी यात्रा अपना आधार या ड्राइविंग लाइसेंस यात्रा दौरान अपने वैध पहचान पत्र के रूप में दिखा सकेगा।

    ध्यान देने योग्य बात है कि इसके अर्न्तगत यात्रा के स्वयं के द्वारा अपलोड दस्तावेज पहचान के वैध प्रमाण के रूप में मान्य नहीं हांगे। इससे यात्रियों को कागजी या भौतिक दस्तावेज अपने साथ रखने की दिक्कत या भूलने की आदत से राहत मिलेगी, साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पेपर लैस कार्यप्रणाली को भी बढ़ावा मिलेगा।

     

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