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    हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों में भर्तियों पर रोक जारी रहेगी

    Haryana Education Department
    Haryana Education Department: हरियाणा शिक्षा विभाग में बड़े फेरबदल

    उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने जारी किए आदेश | Haryana News

    हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। हरियाणा प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया पर लगाई गई रोक जारी रखी गई है। इस संबंध में प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के नाम पत्र जारी करते हुए इस आदेश को तुरंत लागू करने के लिए कहा गया है। इंटरनेशनल कॉउंसिल फ़ॉर एजुकेशन, रिसर्च एंड ट्रेंनिग के चेयरमैन डॉ. संदीप कुमार ने कहा कि इस विश्विद्यालयों में भर्तियों पर रोक लगाना तर्कसंगत नहीं है। Haryana News

    इस आदेश से भर्ती का इंतज़ार करने वाले बेरोजगार युवाओं को निराशा मिली है। उच्च शिक्षा विभाग ने यह रोक अनिश्चित काल के लिए लगाई है,इससे अब यह भी पता नहीं है कि आखिर ये भर्तियां कब होंगी? उन्होंने कहा कि खास बात यह है कि हरियाणा के विश्वविद्यालयों में भर्तियों पर खुद सरकार ने रोक लगाई है। हालांकि, इस रोक से बेरोजगार युवाओं में निराशा की भावना बढ़ सकती है, खासकर उनके लिए जो भर्ती की अंतिम चरणों में थी। डॉ. संदीप ने कहा कि यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है, जब विश्वविद्यालयों में स्टॉफ की कमी के कारण प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों में व्यवधान आ रहा है।

    मदवि,गुजवि व केयूके में अंतिम चरण में थी भर्ती | Haryana News

    हरियाणा के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में इसका प्रत्यक्ष प्रभाव देखा जा सकता है। छात्रों की शिक्षा पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि स्टॉफ की कमी से शिक्षण और प्रशासनिक कार्यों में बाधायें उत्पन्न होती हैं। यह स्थिति विद्यार्थियों के साथ-साथ बेरोजगारों के सामने एक चुनौती बन गई है। डॉ. संदीप कहा कि अब सरकार को संतुलन बनाते हुए रोजगार देने की दिशा में काम करना चाहिए न कि भर्ती रोकने के लिए।

    छात्रों और नौकरी तलाशने वालों की उम्मीदें सरकार पर टिकी हैं कि वह जल्द ही इस समस्या का समाधान ढूंढ सके और भर्ती प्रक्रियाओं को दोबारा शुरू किया सके। यह निर्णय प्रभावित पक्षों के लिए एक कठिनाई का विषय है, लेकिन अगर इसे सही तरीके से प्रबंधित किया जाए, तो यह भविष्य में अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी प्रक्रिया में मदद कर सकता है। सरकार को चाहिए कि वह बेरोजगार युवाओं और प्रभावित विश्वविद्यालयों के साथ संवाद बनाए रखे और जल्द से जल्द समाधान निकाले,ताकि प्रदेश की शिक्षा प्रभावित न हो सके। Haryana News

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