child marriage: destroying lives

जिन्दगी छीनता बाल विवाह

विडंबना है कि आजादी के सात दशक से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी हमारे देश में बाल विवाह जैसी कुप्रथा का अंत नहीं हो पाया है। हाल ही में आई एनसीपीसीआर और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार देश में पिछले कुछ वर्षों […]
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