Constitutional Limit

संवैधानिक मर्यादा और हमारी राजनीति

राष्ट्रीय भावना को जगाने वाले त्यौहारों के आगमन से पूर्व हमारे दिलों में स्वाभाविक तौर पर देश भाव का प्रकटीकरण होने लगता है। जरा याद कीजिए अपने बचपन के दिनों को, प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करते समय इन राष्ट्रीय त्यौहारों पर भावनाओं का जिस प्रकार से ज्वार उमड़ता था, वह बाल मन के हृदय पर अंकित […]
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संवैधानिक मर्यादाओं में छुपी हैं जनभावनाएं

लाख अवरोधों के बावजूद एक जुलाई से सारे देश में ‘एक राष्ट्र एक कर’ एक बाजार का सपना पूरा हो ही गया। संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बटन दबाने के साथ ही कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में एक कर व्यवस्था लागू होने के साथ ही अब […]
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