वाह मेरे मौला: डिजिटल उपवास रख यूं बदल रही जिंदगी…

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सच कहूँ/राजू
ओढां। मोबाइल और टीवी की वजह से परिवारों में आ रही दूरियों को मिटाने के उद्देश्य से पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा बीती 9 नवंबर को 146वें कार्य के रूप मेंं शुरू की गई मुहिम सीड (सोशल एंड स्पिरियचुअल सेल्फ लाइफ एनरिचमेंट एंड एनहांसमेंट विद डिजिटल फास्ट) ने साध-संगत को 2 घंटे मोबाइल व टीवी से दूर एवं परिवार के पास ला दिया है। साध-संगत ने इस मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि पूज्य गुरु जी ने परिवारों पर बड़ा उपकार किया है। इस मुहिम से जुड़कर डेरा सच्चा सौदा के करोड़ों श्रद्धालु रात्रि 7 से 9 बजे तक 2 घंटे मोबाइल व टीवी से दूर रहकर अपने परिवार को समय दे रहे हैं। इस बारे जब साध-संगत से बात की गई तो उन्होेंने एक स्वर में कहा कि मोबाइल एवं टीवी की वजह से परिवारों में एक तरह से दूरियां सीउत्पन्न हो गई थी। लेकिन पूज्य गुरु जी की इस मुहिम ने उनके परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे के और नजदीक ला दिया है। इससे जहां रिश्तों में मजबूती उत्पन्न हो रही है तो वहीं आपसी स्नेह भी बढ़ रहा है।

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पूज्य गुरू जी की ये मुहिम रिश्तों को बचाने के लिए बेहद कारगर साबित हो रही है। मोबाइल एवं टीवी की वजह से वाकई परिवार के सदस्यों में एक-साथ होते हुए भी बिखराव से आ गया था। सभी सदस्य मोबाइलों आदि में व्यस्त रहते थे। किसी के पास परिवार के लिए समय ही नहीं था। पूज्य पिताजी ने जिस दिन इस मुहिम की शुरुआत की हमारे परिवार के सदस्यों ने हाथ खड़े कर इस मुहिम को अपनाने का संकल्प लिया। अब घर में सभी के फोन एवं टीवी 2 घंटे बंद रहते हैं। पूरा परिवार एक साथ बैठकर वक्त बिताता है। पहले तो ये मुहिम क ठिन सी लगी थी, लेकिन अब बहुत अच्छा महसूस हो रहा है।
-पवन इन्सां, ब्लॉक भंगीदास (रोड़ी)।

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पूरा दिन ही मोबाइल हमारे पास रहता है। ऐसे में अगर 2 घंटे हम मोबाइल से दूरी बना लें तो कोई आफत नहीं आ जाएगी। एक बार के लिए भले ही ये कार्य कठिन लगे, लेकिन अगर इसका अनुसरण किया जाए तो टूटते रिश्ते बच जाएंगे और आपसी प्रेम भी बढ़ेगा। हमने पूज्य गुरु जी के हर एक वचन को माना है और इस वचन का भी दृढ़ता से पालन करेंगे। मेरा और मेरे परिवार के सभी सदस्यों का मोबाइल व टीवी रात्रि 7 से 9 बजे तक 2 घंटे बंद रहता है। इससे हम कुछ समय अपने पारिवारिक सदस्यों को दे पाते हैं। पूज्य गुरु जी का बहुत-बहुत आभार।
 सतपाल नंबरदार (भादड़ा)।

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इस डिजीटल उपवास के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। अगर डेरा अनुयायियों के अलावा अन्य लोग भी इस मुहिम को अपना लेंगे तो परिवारोें में आर्इं दूरियां मिट जाएंगी। पूज्य गुरू जी अपने बच्चों का कितना ख्याल रखते हैं। मैंने इस मुहिम को उसी दिन अपना लिया था जिस दिन ये मुहिम शुरू हुई। अब 2 घंटे हमारे फोन बंद रहते हैं और परिवार के सभी लोग एक साथ बैठकर बातें करते हैं। इस मुहिम ने आपसी स्नेह को बढ़ाने का कार्य किया है। मैंने अपने रिश्तेदारों को भी बाकायदा कह रखा है कि 7 से 9 के बीच फोन न करें।
जीवनपाल इन्सां (ओढां)।

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पूज्य गुरु जी की ये मुहिम हम पर एक बड़ा उपकार है। हमने हाथ खड़े कर इस मुहिम को अपनाने का प्रण लिया है। हम घर के सभी सदस्य 2 घंटे अपने फोन बंद रखते हैं और वो समय साथ बिताते हैं। समाज में टूट रहे रिश्तों को बचाने के लिए पूज्य पिताजी का ये एक बड़ा कदम है। हम व हमारे रिश्तेदार एक-दूसरे को इन 2 घंटों के अंतराल में फोन नहीं करते। इस मुहिम से टूटते रिश्ते ही नहीं जुड़ेंगे बल्कि एक-दूसरे के पास बैठकर सुख-दुख भी साझा हो जाएगा।
मुलखराज इन्सां (ओढां)।

इस मुहिम ने सभी को एक साथ बैठाने का कार्य किया है समाज में टूटते रिश्तों को बचाने के लिए पूज्य गुरू जी ने बड़ा कदम उठाया है। देखा जाए तो 24 घंटों में से अगर 2 घंटे मोबाइल या टीवी बंद रहेंगे तो कोई दुनिया नहीं रुक जाएगी। परिवार का हर एक सदस्य मोबाइलों में इतना व्यस्त रहता था कि एक साथ होते हुए भी एक-दूसरे से दूर से लगते थे। इस मुहिम ने सभी को एक साथ बिठाने का कार्य किया है। इसके लिए मैं पूज्य पिताजी का आभारी हूं।

 सर्वजीत सिंंह नंबरदार (भंगू)।

पूज्य गुरु जी मुहिम के समाज में सार्थक परिणाम आ रहे हैं, पूज्य गुरु जी ने जिस दिन ये मुहिम शुरू की हमने उसी दिन इसे अपना लिया। पहले परिवार के सभी सदस्य मोबाइलों में व्यस्त रहने के चलते एक-दूसरे से दूर से हो गए थे। अब 2 घंटे के लिए परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल बंद रहते हैं। ये 2 घंटे हम इकट्ठे बैठकर बिताते हैं। अब ऐसा लगाता है जैसे कोई बड़ा बोझ सा कम हो गया। इस मुहिम से परिवार में आपसी स्नेह बढ़ा है। समाज में इसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं।
नारायण इन्सां (फग्गू)।

टूटते रिश्तों का मोबाइल एक कारण

हमनें पूज्य गुरू जी द्वारा चलाए जा रहे सभी मानवता भलाई कार्यांे को हमेशा गति दी है। 146वें कार्य के तहत जो ये मुहिम चलाई गई है वो अति सराहनीय है। मैं तो ये कहता हूँ कि इस मुहिम को डेरा अनुयायियों के अलावा अन्य लोगों को भी अपनाना चाहिए। समाज में आज टूटते-बिखरते रिश्तों में मोबाइल भी एक बड़ा कारण है। मैं अपना फोन 7 बजे से 9 बजे तक 2 घंटे बंद रखता हूं। इस दौरान कुछ सुमिरन भी हो जाता है और कुछ समय परिवार के साथ भी बिता लिया जाता है। मुझे ये मुहिम बहुत अच्छी लगी।
 काका सिंह इन्सां (झोरड़रोही)।

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