Dynastic Tradition

वंशवादी परिपाटी खत्म कब होगी?

आदमी आजाद है, देश भी स्वतंत्र है। राजा गए रानी गई, अब तो प्रजातंत्र है। वोट छोटा सा मगर शक्ति में अनंत है, अब तो प्रजातंत्र है। किसी ने खूबसूरती से प्रजातंत्र को परिभाषित किया है। पर वास्तव में प्रजातंत्र में प्रजा की सुनवाई हो पा रही है? क्या जो अवसर, समता की गारंटी हमारा […]
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