प्रॉपर्टी कारोबारी ने बिल्डर के खिलाफ एसीपी से लगाई गुहार
आठ प्लॉट देने से इनकार का आरोप ,बिल्डर जेबा उर्फी कुरैशी ने सभी आरोपों को बताया निराधार
गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)। Ghaziabad News: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे स्थित एक आवासीय परियोजना में आठ प्लॉट बुक कराने के बावजूद कब्जा एवं रजिस्ट्री न मिलने का आरोप लगाते हुए प्रॉपर्टी व्यवसायी राजीव शर्मा और उनके सहयोगी नरेंद्र सिंह ने बिल्डर जेबा उर्फी कुरैशी के खिलाफ एसीपी मसूरी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बिल्डर ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि खरीदारों ने तय समय पर भुगतान नहीं किया, इसलिए प्लॉट आवंटित नहीं किए जा सकते।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2025 में उन्होंने अपने कुछ ग्राहकों के लिए किंजा इंडस्ट्रियल एस्टेट एलएलपी कंपनी की हाईवे ग्रीन्स परियोजना में करीब 3000 वर्गगज क्षेत्रफल के आठ प्लॉट बुक कराए थे। उनका आरोप है कि कंपनी की संचालक जेबा उर्फी कुरैशी ने उस समय दावा किया था कि लगभग 50 बीघा भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है तथा शेष 75 से 100 बीघा भूमि खरीदकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ग्राहकों के नाम रजिस्ट्री कराई जाएगी।
सितंबर 2025 से शुरू हुई थी बुकिंग
शिकायत के अनुसार सितंबर 2025 से शुरू हुई बुकिंग के बाद जब भी रजिस्ट्री के संबंध में जानकारी मांगी गई, तब हर बार जल्द प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया गया। पीड़ितों का आरोप है कि अब क्षेत्र में जमीन के दाम बढ़ने के बाद बिल्डर प्लॉट देने से इनकार कर रही हैं तथा बुकिंग वापस लेने का दबाव बना रही हैं। उनका यह भी आरोप है कि विरोध करने पर जमा धनराशि जब्त करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
परियोजना से जुड़ी जमीन और स्वामित्व को लेकर कई अनियमितताओं का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़ी जमीन और स्वामित्व को लेकर कई अनियमितताएं हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें परियोजना की उपलब्ध भूमि और स्वीकृत नक्शे के संबंध में गलत जानकारी देकर प्लॉट बुक कराए गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिल्डर के खिलाफ पूर्व में बैंक धोखाधड़ी, जमीन संबंधी विवाद और अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही परियोजना स्थल पर बाउंसर एवं असामाजिक तत्वों के माध्यम से लोगों को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।पीड़ितों ने एसीपी मसूरी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें बुक किए गए प्लॉट दिलाने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
बिल्डर ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, बिल्डर जेबा उर्फी कुरैशी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि प्लॉट बुकिंग के समय खरीदारों कोतीन महीने के भीतर पूर्ण भुगतान करने की शर्त पर रियायती दर दी गई थी, लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी भुगतान पूरा नहींकिया गया।उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ता यह दावा करते हैं कि उन्होंने प्लॉटों की पूरी कीमत जमा कर दी है, तो वे उसकी वैध रसीदें प्रस्तुत करें। बिल्डर के अनुसार समय पर भुगतान न होने के कारण प्लॉट आवंटन संभव नहीं है और बिल्डर के अनुसार उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन एवं बेबुनियाद हैं। फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है और शिकायत के आधार पर जांच की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
