भाखरपुर, दतौली और बली कुतुबपुर में अमृत सरोवरों का किया उद्घाटन
88.34 लाख रुपये की लागत से तैयार हुए तीनों अमृत सरोवर
सोनीपत (सच कहूँ न्यूज़)। Sonipat News: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नारायणगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेशभर में लगभग 222 करोड़ 97 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए 325 अमृत सरोवरों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण सोनीपत में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन लघु सचिवालय स्थित सभागार में किया गया, जिसमें हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने जिले के भाखरपुर(पीर वाला तालाब), दतौली(पावर हाउस वाला तालाब) एवं बली कुतुबपुर(लाला वाला तालाब) गांवों में विकसित अमृत सरोवरों का उद्घाटन किया। इन तीनों अमृत सरोवरों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण पर 88 लाख 34 हजार रुपये की राशि खर्च की गई है।
तालाबों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता : मंत्री कृष्ण लाल पंवार
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा सरकार जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। अमृत सरोवर मिशन के माध्यम से प्रदेश के पारंपरिक तालाबों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल स्रोत उपलब्ध होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों का पर्यावरण भी बेहतर बनेगा।
तालाबों को दिया जा रहा है आधुनिक स्वरूप
पंवार ने कहा कि अमृत सरोवरों का केवल सौंदर्यीकरण ही नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें आधुनिक सुविधाओं से भी सुसज्जित किया जा रहा है। इसके तहत तालाबों की डी-सिल्टिंग, रिटेनिंग वॉल, पेविंग ब्लॉक, पैदल पथ, स्ट्रीट लाइट, पौधारोपण, बैठने के लिए बेंच तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि ये तालाब ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है।
तालाब हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर
पंचायत मंत्री ने कहा कि वर्षों पहले गांवों के तालाब स्वच्छ जल के प्रमुख स्रोत हुआ करते थे, जहां पशुधन, वन्य जीव तथा ग्रामीण समुदाय अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करते थे। समय के साथ गंदे पानी के प्रवेश और उपेक्षा के कारण अनेक तालाब अपनी उपयोगिता खो बैठे। अब राज्य सरकार इन्हें पुनर्जीवित कर गांवों की पुरानी पहचान वापस लौटा रही है।उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं संरक्षित तालाब भूजल स्तर बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन तथा जैव विविधता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पॉन्ड अथॉरिटी का कार्य पंचायत विभाग को सौंपने से आई गति
पंवार ने कहा कि पहले पॉन्ड अथॉरिटी का कार्य सिंचाई विभाग एवं पंचायत विभाग के बीच समन्वय से संचालित होता था, जिससे कार्यों में अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्णय से अब पॉन्ड अथॉरिटी का कार्य पंचायत विभाग को सौंप दिया गया है।
मनरेगा में हरियाणा बना देश का अग्रणी राज्य
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत तालाबों के विकास एवं संरक्षण सहित 318 प्रकार के विकास कार्य स्वीकृत हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से इन कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा को 590.19 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि राज्य सरकार ने भी लगभग 370 करोड़ रुपये का अपना अंशदान जारी किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा मनरेगा के तहत श्रमिकों को प्रतिदिन 400 रुपये मजदूरी देने वाला देश का अग्रणी राज्य है।
तकनीकी अधिकारियों को समयबद्ध कार्य करने के निर्देश
विकास एवं पंचायत मंत्री ने जिला प्रशासन, पंचायती राज विभाग के अधिकारियों, बीडीओ, सीईओ तथा तकनीकी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे तालाबों से संबंधित सभी तकनीकी प्रक्रियाओं एवं स्वीकृतियों को समयबद्ध ढंग से पूरा करें, ताकि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ शीघ्रता से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच सके। उन्होंने उपायुक्त सहित सभी अधिकारियों से जिले के तालाबों के संरक्षण एवं विकास के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का आग्रह किया।
इस मौके पर नगर निगम मेयर राजीव जैन, जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया, उपायुक्त नेहा सिंह, प्रदीप सांगवान, माईराम कौशिक, आजाद नेहरा, राजबीर दहिया, भाजपा जिला अध्यक्ष सोनीपत अशोक भारद्वाज, जिलाध्यक्ष गोहाना बिजेंद्र मलिक, सीईओ जिला परिषद डॉ अनमोल, एसीपी राजदीप मोर, डीडीपीओ मनीष मलिक, विकास एवं पंचायत विभाग के कार्यकारी अभियंता कुलबीर फौगाट सहित आदि मौजूद रहे।
