HTET Exam: एचटेट परीक्षा के लिए तैयारियां पूरी, 4 और 5 जुलाई को 383 केंद्रों पर परीक्षा देंगे 2.33 लाख अभ्यर्थी
रोल नंबर जारी, अभ्यर्थी बोर्ड वेबसाइट पर देख सकते हैं आवंटित परीक्षा केन्द्र
भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)। HTET Admit Card: हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट)-2026 के सफल और पारदर्शी आयोजन को लेकर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बोर्ड मुख्यालय भिवानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों के रोल नंबर जारी कर दिए गए हैं और वे बोर्ड की वेबसाइट पर अपने आवंटित परीक्षा शहर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेशभर के 383 परीक्षा केंद्रों पर कुल 2 लाख 33 हजार 294 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 4 जुलाई को सायंकालीन सत्र में लेवल-3 (पीजीटी) की परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 73 हजार 91 अभ्यर्थी भाग लेंगे। 5 जुलाई को प्रात:कालीन सत्र में लेवल-2 (टीजीटी) की परीक्षा में 1 लाख 19 हजार 141 तथा सायंकालीन सत्र में लेवल-1 (पीआरटी) की परीक्षा में 41 हजार 62 अभ्यर्थी शामिल होंगे। शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि इस वर्ष परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों की संख्या पुरुषों की तुलना में ढाई गुना से भी अधिक है। यह प्रदेश में महिला सशक्तिकरण तथा शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।
नकल रोकने के लिए विशेष इंतजाम
उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बोर्ड का एक प्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन का एक राजपत्रित अधिकारी तैनात रहेगा। नकल रोकने के लिए विशेष उड़नदस्तों का गठन किया गया है, जो जैमर, बायोमेट्रिक सत्यापन, वीडियोग्राफी और सीसीटीवी व्यवस्थाओं की नियमित जांच करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर तैनात सभी कर्मचारियों के लिए फोटोयुक्त पहचान-पत्र धारण करना अनिवार्य रहेगा।
जिला स्तर पर बनेंगे कंट्रोल रूम
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए 3 से 5 जुलाई तक प्रत्येक जिले के शिक्षा कार्यालय में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। ये कंट्रोल रूम सीधे बोर्ड मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष से जुड़े रहेंगे और परीक्षा से संबंधित सभी सूचनाओं एवं रिपोर्टों का आदान-प्रदान करेंगे।
दिव्यांगों को मिलेगी विशेष सुविधा
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि नेत्रहीन एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रति घंटे 20 मिनट के हिसाब से कुल 50 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। विवाहित महिला अभ्यर्थियों को मंगलसूत्र, बिंदी और सिंदूर पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। वहीं सिख अभ्यर्थी अपनी धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीक साथ रख सकेंगे। इसके अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार के आभूषण की अनुमति नहीं होगी।