लंबित 200 केसों में प्रशासन का एक्शन, 50 लाख से अधिक का जुर्माना

 200 लंबित केसों में लगाया 50 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना

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भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)। Bhiwani News: भिवानी में चंद पैसे के लालची में खाने पीने की चीजों, खासकर मिठाईयों में मिलावट करने वाले मिवावटखोरों पर पहली बार प्रशासन का आर्थिक चाबुक चला है। भिवानी के अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा ने 200 से अधिक केसों में 50 लाख रू से ज्यादा का जुमार्ना ठोका है।

भारत विभिन्नताओं का देश है। बावजूद इसके त्योहारों पर हर कोई एक हो जाता है। मिठाई बंटती है और खुशियाँ मनाई जाती है। पर चंद पैसे के लालची कुछ लोग मिठाइयों व खाने पीने की चीजों में मिलावट कर लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं। अभी तक त्यौहारों पर फूड सेफ्टी विभाग सैंपल लेकर खानापूर्ति करता था। लेकिन दीपक बाबूलाल करवा ने चार्ज सँभालते ही मिलावटखोरों की कमर तोड?ी शुरू कर दी। हैरानी की बात है कि इनमें वो नाम भी शामिल हैं, जिनकी दुकानों का शहर में दशकों से क्वालिटी को लेकर बड़ा नाम है।

अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा बीते 3-4 महिनों से मिलावट के पेंडिग केसों की सुनवाई में जुटे हैं। जिन्होंने अब तक करीब 200-250 केसों में 50 लाख रुपये से अधिक का जुमार्ना ठोंक दिया है। उन्होंने बताया कि त्यौहारों के समय मिठाई की मांग बढ़ती है। जिसके चलते कुछ लोग पैसे के लालच में मिलावट कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जो सालों से पेंडिग केस पड़े थे, इनमें पनीर, मिठाई, देशी घी व वैजिटेबल आॅयल में मिलावट के ज्यादा केस थे।

इसके बाग विदआउट रजिस्ट्रेशन के केस, जिनमें फूड सेफ्टी लाइसेंस ना लेना व रजिस्ट्रेशन ना करना है। वहीं तिसरी तरह के केस मिस ब्रांडिंग के हैं, जिनमें पैकेट पर बैच नंबर ना होना और सामग्री कब बनाई और कब तक प्रयोग होनी है, ये नहीं लिखा होता। उन्होंने बड़ी आर्थिक मार मारने के साथ मिठाई व खाने की अन्य चीजें बेचने वालो से अपील की है कि वो चंद पैसे के लालच में लोगों की जान जोखिम में ना डालें। क्योंकि मिलावटी चीजे खाने से पीढ़ी दर पीढ़ी स्वास्थ्य खराब होता चला जाता है।

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Bhiwani News: मिठाईयां बनाते प्रतिष्ठान के कर्मचारी। छाया: नितिन।

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