किसान सभा हरियाणा ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर सिंचाई मंत्री आवास का किया घेराव
अमेरिका भारत व्यापार समझौता किसान हित में नहीं रखा तो किसान हो जाएंगे बर्बाद: कामरेड इंद्रजीत
भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)। Bhiwani News: अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा के आह्वान पर सैंकड़ों किसानों ने जलभराव, बाढ़ रोकथाम हेतु रानियां के पास ओटू हैड पर घग्गर नदी में हिसार घग्गर ड्रेन का पानी लिफ्ट लगाकर डालने, जलभराव, बाढ़ रोकथाम हेतु सभी ड्रेनों, नहरों की सफाई करवाने, उन्हें चोड़ा करने, किनारे मजबूत करने, जल भराव से बर्बाद फसलों नष्ट हुए घरों का मुआवजा दिलवाने, विभिन्न गांव, कस्बों व शहरों में पीने का पानी उपलब्ध करवाने हेतु 42 दिनों में नहरों में आने वाले पानी को एक सप्ताह तक चालू रखा जाए, बिजली टावरों के बदले न्यायोचित मुआवजा देने, खरीफ फसलों के लिए प्रयाप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध करवाने व बकाया ट्यूवैल कन्कैशन जारी करने की मांगों को लेकर वीरवार को भिवानी के नेहरू पार्क में किसान महापंचायत की।
उसके बाद प्रदर्शन करते हुए महिला बाल विकास एवं सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के कैंप आफिस पहुंचें वहां उपरोक्त मांगों के लिए मंत्री के कैंप आफिस का घेराव किया गया और अंत में आफिस के पदाधिकारी दिलबाग सिंह निमड़ी ने मंत्री से बातचीत करके एक जुलाई को मंत्री से बातचीत लिए किसान सभा प्रतिनिधि मण्डल को चन्डीगढ़ बुलाया है और किसानों से ज्ञापन प्राप्त किए। महापंचायत की अध्यक्षता किसान सभा के राज्य प्रधान मास्टर बलबीर सिंह, रामफल देशवाल, राजेन्द्र फतेहाबाद, कपूर सिंह हिसार, ताई धन्नों रोहतक, सुनिल मलिक रोहतक व हमजिन्दर सिरसा ने संयुक्त रूप से की। मंच संचालन किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल व जिला भिवानी सचिव मास्टर जगरोशन ने संयुक्त रूप से किया। इससे पहले महापंचायत में एक प्रस्ताव पास करके चानौत गांव के लिए पीने के पानी मांगने के आन्दोलन का समर्थन किया गया और पुलिस ज्यादतियों की निंदा की।
महापंचायत में दूसरा प्रस्ताव भारत और अमेरिका के बीच हो रहे व्यापार समझौते में अमेरिका की शर्तें नहीं मानने की मांग की तथा बराबरी के आधार पर ही समझौता हो, अमेरिका के सामने आत्म समर्पण ना हो। देश हित का ध्यान रखा जाए। महापंचायत व प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि अमेरिका भारत व्यापार समझोते में हमारे किसान मजदूर हितों का ध्यान नहीं रखा गया तो हमारी कृषि और व्यापार बर्बाद हो जाएंगे, इसलिए यह समझौता बराबरी के आधार पर हो। प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में कामरेड ओमप्रकाश, कमल सिंह प्रधान, संदीप धीरनवास, मास्टर विष्णु, सरबत पूनिया, शमशेर पूनिया, चांद बहादुर, कामरेड दयानन्द पूनिया, कर्ण सिंह जैनावास, राजेश कुंगड़, संतोष देशवाल, सुबेदार धनपत, छोटूराम पुनिया, अन्तर कस्वा व सुरेन्द्र राठी लोहारू शामिल रहे।