Marathi language News: पहली से 10 तक मराठी अनिवार्य, सरकार के फैसले का किया गया स्वागत

मराठी भाषा सीखने में किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए: रामदास आठवले

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मुंबई। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने महाराष्ट्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है, जिसमें कक्षा 1 से 10 तक मराठी भाषा को अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा सीखने में किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। आठवले ने कहा, “मुझे लगता है कि पहली से दसवीं कक्षा तक मराठी के लिए कोई समस्या नहीं है। Marathi language News

नॉन-मराठी स्कूलों में, चाहे हिंदी हों या अंग्रेजी, वहां मराठी भाषा को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए। मराठी राज्य में रहते हुए मराठी भाषा सीखने में किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जिस तरह मराठी स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी पढ़ाई जाती है, उसी तरह अन्य स्कूलों में भी मराठी एक विषय के रूप में होना चाहिए। यह बहुत अच्छा फैसला है।

आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आठवले ने कहा कि अभी समय है, लेकिन एनडीए मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगा और जीतेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए को 300 से ज्यादा सीटें मिलेंगी और वातावरण भी बहुत अच्छा है। नसरापुर बलात्कार-हत्या मामले में आरोपी को 60 दिनों में फांसी की सजा सुनाए जाने पर आठवले ने कहा कि ऐसे गुनहगारों को कम समय में ही सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “अरोपी ने बच्ची के साथ बलात्कार के बाद हत्या की थी। हम भी चाहते थे कि ऐसे आरोपी को फांसी की सजा मिले। आरोपी किसी भी जाति या धर्म का हो, उसे सजा मिलनी चाहिए।” उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में छह महीने के अंदर कठोर सजा दी जानी चाहिए। Marathi language News

राम मंदिर दान चोरी मामले में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के अयोध्या दौरे पर आठवले ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का जाना क्या साबित करता है? राज्य सरकार ने पहले ही एसआईटी जांच के आदेश दे दिए हैं। कांग्रेस को राजनीति करने की जरूरत नहीं है। जांच चल रही है और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहिए था।

आठवले ने बताया कि उन्होंने एक कार्यक्रम के सिलसिले में मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान पीपुल्स एजुकेशन सोसाइटी के ट्रस्टी एडवोकेट उज्ज्वल निकम, एडवोकेट बी.के. बर्वे और चंद्रशेखर कांबले भी उपस्थित थे। बैठक में शैक्षिक और सामाजिक विकास पर सकारात्मक चर्चा हुई। Marathi language News

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