मुज्तबा खामेनेई अंतिम संस्कार में आएंगे या नहीं? चोट, गायब होने और ईरान की सत्ता पर उठे सवाल
US Iran War: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के प्रस्तावित राजकीय अंतिम संस्कार से पहले सबसे बड़ा सवाल उनके उत्तराधिकारी मुज्तबा खामेनेई को लेकर उठ रहा है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के कथित संयुक्त हमले में अली खामेनेई की मौत के बाद 8 मार्च को मुज्तबा को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था। हालांकि, इसके बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं।
28 फरवरी के हमले में क्या हुआ था?
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन फ्यूरी' चलाया था। इस दौरान तेहरान स्थित सर्वोच्च नेता के कार्यालय और आवास को निशाना बनाया गया। हमले में अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने का दावा किया गया।
बताया जाता है कि मुज्तबा खामेनेई भी इसी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान वह बाल-बाल बचे, लेकिन उन्हें कई गंभीर चोटें आईं। उनके परिवार के कुछ सदस्य भी इस हमले में मारे गए।
मुज्तबा की सेहत पर विरोधाभासी दावे
मुज्तबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें केवल मामूली चोटें आई थीं और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। दूसरी ओर, पश्चिमी मीडिया और कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि उन्हें गंभीर जलन, हाथ की सर्जरी और पैर में गंभीर चोट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उनके चेहरे पर गंभीर चोटें थीं और उन्हें प्लास्टिक सर्जरी तक करानी पड़ी। वहीं कुछ दावों में उनके पैर को काटने की नौबत आने की बात भी कही गई, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सार्वजनिक रूप से अब तक क्यों नहीं आए?
मुज्तबा खामेनेई के सर्वोच्च नेता बनने के बाद से उनकी कोई आधिकारिक तस्वीर या वीडियो सार्वजनिक नहीं हुई है। उनके नाम से जारी सभी संदेश लिखित रूप में सामने आए या किसी अन्य अधिकारी ने पढ़कर सुनाए।
विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं—
गंभीर चोटों से उबरने की प्रक्रिया जारी होना।
सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी।
सत्ता संचालन में सीमित भूमिका और अन्य संस्थाओं की सक्रियता।
रणनीतिक कारणों से सार्वजनिक उपस्थिति से बचना।
हालांकि इन संभावनाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अंतिम संस्कार चार महीने बाद क्यों?
सामान्य तौर पर इस्लामी परंपरा में अंतिम संस्कार जल्द किया जाता है, लेकिन इस मामले में कार्यक्रम कई महीने बाद आयोजित किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार इसके पीछे कई संभावित कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें कथित युद्ध जैसी स्थिति, बड़े स्तर पर राजकीय आयोजन की तैयारी और राजनीतिक संदेश देने की रणनीति शामिल है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार तेहरान, कोम, करबला, नजफ और मशहद में कई दिनों तक श्रद्धांजलि और अंतिम संस्कार से जुड़े आयोजन किए जाएंगे।
क्या मुज्तबा अंतिम संस्कार में शामिल होंगे?
फिलहाल इस सवाल का कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। यदि मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं, तो इसे उनकी सक्रिय नेतृत्व क्षमता और स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जा सकता है।
वहीं यदि वह कार्यक्रम में शामिल नहीं होते हैं, तो उनकी स्वास्थ्य स्थिति और ईरान की सत्ता संरचना को लेकर अटकलें और तेज हो सकती हैं। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति के कारणों पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
